
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2021: जानिए इस दिन के बारे में जरुरी बातें
क्या है खबर?
साल 1984 में भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की याद में और बढ़ते प्रदूषण की समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 2 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।
इसके अतिरिक्त, इस दिन देश में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों के बारे में लोगों को बताया जाता है।
आइए आज इस दिवस को मनाने का कारण और इसके महत्व के बारे में जानते हैं।
कारण
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता है?
2-3 दिसंबर 1984 को भोपाल के यूनियन कार्बाइड प्लांट में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके कारण करीब 15,000 लोगों की जान गई थी।
यह त्रासदी उस समय तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि आज भी इसका असर यहां देखने को मिलता है।
बड़े पैमाने पर फैली इस तबाही में जान गंवाने वाले लोगों को याद करने और बढ़ते प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।
उद्देश्य
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का उद्देश्य
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक प्रक्रियाओं और मानवीय लापरवाही से उत्पन्न प्रदूषण को रोकना, लोगों और उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण अधिनियमों के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
इस दिवस का उद्देश्य वायु, मिट्टी, ध्वनि और जल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लोगों को जागरुक करना भी है क्योंकि हालत इतनी खराब हो गई है कि लोग प्रदूषण के कारण गंभीर बीमारियों से घिर रहे हैं या अपनी जान गंवा रहे हैं।
प्रभाव
प्रदूषण का सेहत पर असर
आज प्रदूषण न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है क्योंकि इसकी वजह से बढ़ती गंभीर बीमारियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ कई गुना बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण से उम्र पर पड़ने वाला प्रभाव कैंसर जैसी बीमारियों की तरह है और अगर प्रदूषण को लेकर WHO के मानकों का सख्ती से पालन किया जाए तो लोगों की उम्र में कई साल की बढ़ोतरी हो सकती है।
क्या आप जानते हैं?
न्यूजबाइट्स प्लस (बोनस इंफो)
WHO के मुताबिक, वायु प्रदूषण से दुनियाभर में हर साल करीब 70 लाख लोगों की मौत होती है और यह स्थिति इतनी दयनीय है कि 10 में से नौ लोगों को सांस लेने के लिए शुद्ध हवा भी नहीं मिलती।