
CDS जनरल रावत बोले- हम राजनीति से बहुत दूर रहते हैं
क्या है खबर?
देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को देश की सेनाएं राजनीति से दूर रहती हैं और वो केवल सरकार के निर्देशों पर काम करती हैं।
दरअसल, जनरल रावत पर राजनीतिक झुकाव के आरोप लगे थे। इन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "हम राजनीति से बहुत दूर रहते हैं। हमें सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करना होता है।"
गौरतलब है कि जनरल रावत ने 1 जनवरी को CDS का पदभार संभाला है।
बयान
जनरल रावत के इस बयान पर हुआ था हंगामा
दरअसल नागरिकता कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शनों की तरफ संकेत करते हुए जनरल रावत ने कहा था कि नेता वो होते हैं जो लोगों को सही दिशा में लेकर जाते हैं। नेता वो नहीं होते जो लोगों को गलत दिशा में लेकर जाते हैं।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र लोगों की भीड़ को शहरों और कस्बों में आगजनी और हिंसा के लिए लेकर जा रहे हैं। यह लीडरशिप नहीं है।
जानकारी
पदभार संभालने के बाद क्या बोले जनरल रावत
पदभार संभालने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जनरल रावत ने कहा, "तीनों सेना एक टीम के रूप में काम करेंगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को दिए गए कार्य के अनुसार हमें एकीकरण को बढ़ावा देना होगा और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना होगा।"
जानकारी
बयान के बाद विवादों में घिरे थे जनरल रावत
रावत के बयान के बाद विपक्षी पार्टियों ने उनकी आलोचना की थी। कांग्रेस ने कहा था कि सेना प्रमुख का राजनीतिक घटनाओं पर बयान देना लोकतंत्र के खिलाफ है। वहीं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अपने पद की सीमाएं जानना लीडरशिप है।
बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने जनरल रावत को दी बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने जनरल रावत को CDS का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी है। मोदी ने लिखा कि करगिल युद्ध के बाद सेना के सुधार को लेकर चर्चाएं हुई थीं, जो आज नतीजे पर पहुंची हैं।
उन्होंने लिखा कि इस पद पर सेना के आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी होगी और यह 130 करोड़ लोगोें की अपेक्षाओं और उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने लिखा कि CDS आधुनिक युद्ध की चुनौतियों से निपटने में देश की मदद करेगा।
ट्विटर पोस्ट
साउथ ब्लॉक में बना है CDS का ऑफिस
दिल्ली: साउथ ब्लॉक, रक्षा मंत्रालय में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के कार्यालय की पहली तस्वीरें। pic.twitter.com/o79s7Rmy3y
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 1, 2020
CDS
क्या है CDS का पद?
CDS देश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों से ऊपर का पद होगा, जो सैन्य बलों और प्रधानमंत्री के बीच संपर्क का माध्यम बनेगा।
इसका काम तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा, ताकि किसी संघर्ष या युद्ध की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।
प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री और सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) को सीधे सलाह देना भी CDS की जिम्मेदारी का हिस्सा होगा। CDS खुद CCS का हिस्सा होंगे।
जानकारी
इन देशों में पहले से लागू है CDS व्यवस्था
दुनिया के कई बड़े देशों में CDS पद की व्यवस्था पहले से है। सेना के सभी विभागों में बेहतर तालमेल के लिए अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, जापान और नाटो देशों की सेनाओं में CDS व्यवस्था पिछले काफी समय से काम कर रही है।
रिटायरमेंट
31 दिसंबर को सेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए हैं जनरल रावत
जनरल रावत 31 दिसंबर को थल सेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए हैं। उन्होंने दिसंबर, 2016 में यह पद संभाला था।
उन्होंने सेना के जवानों और उनके परिवारों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने उनकी जगह पदभार संभालने वाले जनरल मनोज मुकुंद नरवाने को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि सेना उनके नेतृत्व में नई ऊंचाइयां छुएगी।
रिटायरमेंट के दिन जनरल रावत को सेना की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
करियर
देश के पहले CDS के करियर पर एक नजर
शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से पढ़े जनरल रावत राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला से प्रशिक्षित हैं।
सेना के साथ उनके सफर की शुरूआत दिसंबर 1978 में हुई जब वो 11वीं गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन के साथ जुड़े। वो 'स्वॉर्ड ऑफ हॉनर' से सम्मानित हैं।
जनरल रावत पूर्वी सेक्टर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LOAC) के पास इनफ्रेंट्री बटालियन और कश्मीर में घाटी इन्फेंट्री डिविजन की कमान संभाल चुके हैं।