
UPSC 2018: कई समस्याओं के बावजूद इन लोगों ने पास की परीक्षा, कहानी जानकर मिलेगी प्रेरणा
क्या है खबर?
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा (CSE) सबसे चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है।
UPSC CSE पास करना आसान नहीं है। इसे पास करने के लिए कई सालों की महनत लगती है।
हालांकि UPSC में रैंक हासिल करने वाले कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्होंने कई समस्याओं के बावजूद CSE 2018 परीक्षा को पास किया है।
आइए ऐसी ही कुछ उम्मीदवारों की कहानी जानते हैं, जिससे हमें प्ररेणा मिलेगी।
#1
केरला के स्वदेशी आदीवासी की पहली महिला ने पास की परीक्षा
केरल के वायनाड की 22 वर्षीय श्रीधन्या सुरेश ने CSE 2018 परीक्षा में 410वीं रैंक हासिल की है।
वह दिहाड़ी मजदूरों की बेटी हैं और केरल के स्वदेशी आदिवासी समूहों से UPSC परीक्षा पास करने वाली पहली महिला हैं।
जिन्होंने काफी मुश्किलों से पढ़ाई करके परीक्षा पास की है।
श्रीधन्या ने कहा कि मेरी सबसे बड़ी चुनौती मेरी आर्थिक तंगी थी। मेरे माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और उनकी आय का एकमात्र स्रोत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना थी।
#2
नक्सली इलाका दंतेवाड़ा की नम्रता जैन ने प्राप्त की 12वीं रैंक
सभी बाधाओं को पार करते हुए छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाका दंतेवाड़ा की नम्रता जैन ने अपने तीसरे प्रयास में CSE 2018 में 12वीं रैंक हासिल की है।
उन्होंने कई हिंसक घटनाओं को देखा, जिसके बाद वे कम उम्र में ही IPS अधिकारी बनने के लिए प्रेरित हुईं।
तैयारी के लिए सीमित विकल्प होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और ऑनलाइन कार्यक्रमों की मदद ली।
25 साल की नम्रता दंतेवाड़ा से UPSC परीक्षा पास करने वाली पहली महिला हैं।
#3
दिखाई न देने के बाद भी सतेंद्र ने हासिल की 714वीं रैंक
सतेंद्र सिंह की काहानी काफी प्रेरणादायक है।
दिखाई न देने के बावजूद भी सतेंद्र ने CSE 2018 को पास करके 714वीं रैंक प्राप्त की है।
उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी पूरी तरह से खो दी है।
जब सतेंद्र सिर्फ डेढ़ साल का था, तब एक गलत इंजेक्शन लगने के कारण उसकी ऑप्टिक नसों को नुकसान पहुंचा और उसकी रोशनी चली गई।
किसान के बेटे सतेंद्र ने तीसरे प्रयास में स्क्रीन-रीडिंग सॉफ्टवेयर की मदद से CSE में अहर्ता प्राप्त की है।
#4
पुंछ की रेहाना बशीर ने कई कठिनाइयों को पार करके पास की परीक्षा
जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले की रेहाना बशीर ने IAS परीक्षा को पास करने के लिए सभी बाधाओं को पार किया है।
UPSC प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने वाली वह पुंछ की पहली महिला हैं।
दूरदराज के जिले (जहां गरीबी, न्यूनतम सुविधाओं, सीमा पार तनाव और विभिन्न अन्य समस्या होती हैं) से आने के बाद भी उसने CSE 2018 में 187वीं रैंक हासिल का है।
डॉक्टर बशीर पुंछ में शैक्षणिक सुविधाओं में सुधार करना चाहती हैं।