
नए भर्ती हुए शिक्षकों के लिए आयोजित होगा फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम, भाग लेना अनिवार्य, जानें
क्या है खबर?
उच्चतर शिक्षा नियामक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सोमवार को यानी 27 मई, 2019 को कॉलेज और विश्वविद्यालय में भर्ती हुए नए शिक्षकों के लिए एक फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित करने के लिए एक फ्रेमवर्क जारी किया है।
इसके अनुसार शिक्षकों को अब इंडक्शन प्रोग्राम के हिस्से के रूप में संवैधानिक मूल्यों, पेडागोजी, रिसर्च और विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक महीने के अनिवार्य पाठ्यक्रम में भाग लेना होगा।
आइए जानें पूरी खबर।
जानकारी
क्या कहा गया फ्रेमवर्क में
जारी किए गए फ्रेमवर्क में उल्लेख किया गया है कि उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए भर्ती होने वाले फैकल्टी आमतौर पर शिक्षण में बिना किसी फॉर्मल ट्रेनिंग के ही इस फ्रोफेशन को ज्वाइन कर लेते हैं।
HT के अनुसार UGC ने कहा है कि इस क्षेत्र की नीतियों, योग्यताओं, पॉलिसी की समझ, शासन-प्रणाली और प्रशासन-संबंधी चीजों को अनौपचारिक रूप से सहकर्मियों द्वारा साझा किए गए उनके अनुभव के बाद विकसित किया गया है।
कार्यक्रम
इतने दिनों का होगा कार्यक्रम
रेगुलेटर ने कहा कि सभी नए भर्ती रेगुलर और पूर्णकालिक फैकल्टी सदस्यों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपनी सेवा में शामिल होने के दो साल के भीतर फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम में भाग लें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक महीने का कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।
एक चरण 18 दिनों का होगा, जिसमें तीन मॉड्यूल शामिल होंगे।
वहीं, दूसरा चरण 12 दिनों का होगा, जिसमें तीन और मॉड्यूल होंगे।
प्रेक्टिकल असाइनमेंट
करना होगा एक प्रेक्टिकल असाइनमेंट
हर प्रतिभागी को पहले चरण के अंत में एक प्रेक्टिकल असाइनमेंट दिया जाएगा।
असाइनमेंट पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी और कार्यक्रम के चरण 2 के दौरान उस पर चर्चा की जाएगी।
UGC ने कहा कि प्रेजेंटेशन, रिव्यू और प्रतिक्रिया के लिए दूसरे चरण की शुरुआत में विशिष्ट समय स्लॉट रखे गए हैं।
कार्यक्रम को पूरा करना और असाइनमेंट को क्लियर करना सभी के लिए अनिवार्य होगा।
उन प्रतिभागियों के लिए एक विशेष उल्लेख होगा, जो अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
जानकारी
इन चीजों पर केंद्रित होंगे मॉड्यूल
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये मॉड्यूल भारत में उच्च शिक्षा की समझ, करिकुलम एंड पेडागोजी, रिसर्च और प्रोफेशनल विकास, व्यक्तिगत-भावनात्मक विकास, जीवन कौशल, परामर्श और प्रेरणा और संवैधानिक मूल्यों और पर्यावरण चेतना पर ध्यान केंद्रित करेंगे।