
DU: PhD/M.Phil के लिए 15 कोर्सेज में घटी सीटें, 4 कोर्सेज की सीटों में हुआ इजाफा
क्या है खबर?
माइक्रोबायॉलजी के छात्रों के लिए ये खबर जानना बहुत जरुरी है।
बता दें कि इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) किसी माइक्रोबायॉलजी के छात्र को PhD में नहीं लेगी।
इसके साथ ही इस साल पिछले साल की अपेक्षा PhD में जियोग्राफी के 40 छात्र और हिंदी के 39 छात्र कम होंगे।
DU ने 3 जून, 2019 को M.Phil, PhD कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आइए जानें क्या है पूरी खबर।
PhD
11 पाठ्यक्रम में घटी PhD की सीटें
इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार 11 कोर्सेज में PhD के लिए सीटों की संख्या कम हो गई है। DU 53 पाठ्यक्रम में PhD करवाता है।
सीटों में कमी यूनिवर्सिटी ग्रैंट कमिशन (UGC) 2016 के लागू होने से आई है। जिसके अनुसार कमिशन ने M.Phil और PhD के छात्रों पर लिमिट लगा दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि DU ने यह रेग्युलेशन अडॉप्ट करके साल 2017 में ऑर्डिनेंस बनाया था।
पाठ्यक्रम
इन पाठ्यक्रमों में भी घटी सीटें
अगर नियम को देखें, तो एक प्रोफेसर आठ PhD छात्रों को सुपरवाइज कर सकता है और एक असोसिएट प्रोफेसर उनमें से छह व एक असिस्टेंट प्रोफेसर चार को सुपरवाइज कर सकता है।
मॉडर्न इंडियन लैंग्वेजेज और लिटरेरी स्टडीज की सीटों में भी 15 की कमी आई है।
जिस कारण इस साल डिपार्टमेंट ऑफ अरैबिक भी चार छात्र कम लेगा।
जियोग्राफी डिपार्टमेंट में शिक्षक की पांच वैकंसीज होने के कारण उन्हें भी सीट घटाने के लिए कहा गया है।
सीटों की संख्या
इन पाठ्यक्रमों में बढ़ी सीटें
जहां एक तरफ कई कोर्सेज में सीटों को कम हुईं हैं, वहीं 53 कोर्सेज में से चार कोर्सेज में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है।
बता दें कि बायोकेमिस्ट्री में आठ और पॉलिटिकल साइंस और होम साइंस में दो-दो सीटें बढ़ाईं गई हैं।
M.Phil के चार कोर्स में सीट घटाई गई हैं, वहीं आठ में बढ़ाई गई हैं।
M.Phil में एक प्रोफेसर तीन छात्रों को, एक असोसिएट प्रोफेसर दो और एक असिस्टेंट प्रोफेसर एक छात्र को सुपरवाइज कर सकता है।