
गोदरेज समूह के बंटवारे पर नहीं लगेगा कोई कर, जानिए वजह
क्या है खबर?
गोदरेज समूह के सदस्यों के बीच हाल ही में परिवार की संपत्ति को लेकर एक समझौते के तहत बंटवारा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्यों द्वारा किए गए अरबों रुपये के समझौते पर कोई पूंजीगत लाभ कर नहीं लगेगा।
परिवार ने कर कानून के तहत 'पारिवारिक व्यवस्था' मार्ग का उपयोग करने का विकल्प चुना है, जो आयकर अधिनियम के दायरे से बाहर है और पूंजीगत लाभ कर लागू नहीं करता है।
समझौता
क्या हुआ है समझौता?
लगभग 127 साल पुराने पारिवारिक समूह ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि यह 2 समूहों में विभाजित होगा।
इस समझौते के अनुसार, आदि गोदरेज और नादिर गोदरेज और उनके वंशज समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के प्रभारी होंगे, जिनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गोदरेज प्रॉपर्टीज, गोदरेज एग्रोवेट, गोदरेज कंज्यूमर और एस्टेक लाइफसाइंस शामिल हैं।
दूसरी ओर, जमशेद गोदरेज और स्मिता कृष्णा वाला दूसरा गुट गैर-सूचीबद्ध कंपनी गोदरेज एंड बॉयस का उत्तराधिकारी होगा। इसमें मुंबई में कई एकड़ जमीन भी शामिल है।
कर
क्यों नहीं लगेगा कोई कर?
भारतीय कर कानूनों के तहत, पारिवारिक व्यवस्था पर किसी तरह का कोई कर नहीं लगता है। यानी परिवार के सदस्यों के बीच पारिवारिक संपत्ति के लेनदेन पर कर नहीं देना होता है।
कानून के अनुसार, व्यक्तियों के बीच एक वास्तविक पारिवारिक व्यवस्था के अनुसरण में पूंजीगत संपत्ति या व्यावसायिक संपत्ति का कोई भी हस्तांतरण आयकर के छूट के रूप में माना जाता है।
आमतौर पर भौतिक संपत्तियों के हस्तांतरण पर कर लग सकता है।