
ओप्पो ने दिखाई अपनी नेक्स्ट-जेनरेशन अंडर-स्क्रीन कैमरा (USC) टेक्नोलॉजी, प्रोटोटाइप तैयार
क्या है खबर?
स्मार्टफोन्स से जुड़ी टेक्नोलॉजी में कैमरा से जुड़े ढेरों इनोवेशंस आए दिन हो रहे हैं और जल्द फ्रंट कैमरा स्क्रीन के अंदर जगह बना सकता है।
फुल स्क्रीन स्मार्टफोन एक्सपीरियंस देने के लिए कई स्मार्टफोन कंपनियां अंडर-स्क्रीन कैमरा पर काम कर रही हैं।
चाइनीज टेक ब्रैंड ओप्पो ने अपनी नेक्स्ट-जेनरेशन अंडर-स्क्रीन कैमरा (USC) टेक्नोलॉजी पेश की है और कहा है कि इसकी मदद से 'अच्छी स्क्रीन क्वॉलिटी और कैमरा इमेज क्वॉलिटी के बीच परफेक्ट बैलेंस' देखने को मिला है।
इनोवेशन
कम किया हर पिक्सल का साइज
खास कैमरा टेक्नोलॉजी तैयार करते वक्त सामने आईं चुनौतियों को लेकर ओप्पो ने कहा कि उन्हें डिस्प्ले से जुड़े कई इनोवेशंस करने पड़े।
इनमें हर पिक्सल का साइज छोटा करने, ट्रेडिशनल स्क्रीन की जगह ट्रांसपैरेंट वायरिंग मैटीरियल का इस्तेमाल करने और 1-टू-1 पिक्सल सर्किट ड्राइविंग जैसे इनोवेशंस शामिल हैं।
कंपनी ने अंडर-स्क्रीन कैमरा वाले प्रोटोटाइप डिवाइस की तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिससे यूजर्स को ट्रू फुल स्क्रीन एक्सपीरियंस मिलेगा।
जरूरत
कंपनियों ने आजमाए कई तरीके
स्मार्टफोन्स का स्क्रीन साइज बड़ा करने और स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो कम करने के लिए कंपनियां कई तरीके आजमा चुकी हैं।
नॉच हटाने के लिए कई डिवाइसेज में होल-पंच तो वहीं कुछ में पॉप-अप कैमरा मैकेनिज्म दिया गया है।
हालांकि, पॉप-अप कैमरा जैसे बदलावों के चलते फोन में मूविंग पार्ट्स शामिल हुए, जिनके खराब होने का डर रहता है।
इसके अलावा फोन्स का वजन भी पहले के मुकाबले बढ़ गया है और वे वॉटर या डस्ट-प्रूफ नहीं रह जाते।
प्रोटोटाइप
कई साल से काम कर रही है ओप्पो
चाइनीज टेक कंपनी ओप्पो ने साल 2019 में भी एक प्रोटोटाइप तैयार किया था, जिसमें सेल्फी कैमरा लेंस बेहद ट्रांसपैरेंट मैटीरियल का बना था और इसपर खास पिक्सल अरेंजमेंट किया गया था।
हालांकि, इस स्मार्टफोन को मार्केट में नहीं उतारा गया और कंपनी टेक्नोलॉजी में कई सुधार करना चाहती थी।
अब सामने आया प्रोटोटाइप कहीं बेहतर रिजल्ट्स का वादा कर रहा है और इसे फ्यूचर डिवाइसेज का हिस्सा बनाया जा सकता है।
AI
आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेगी कंपनी
ओप्पो ने बताया है कि हार्डवेयर से जुड़े इनोवेशंस के अलावा बेहतर इमेज प्रोसेसिंग और फाइनल आउटपुट के लिए आर्टीफिशयल इंटेलिजेंस (AI) एल्गोरिद्म की मदद भी ली गई है।
कंपनी का कहना है कि सॉफ्टवेयर से जुड़े सुधार के साथ कैमरा इस्तेमाल ना होते वक्त बेहतर स्क्रीन क्वॉलिटी मिलेगी।
ओप्पो ने बताया है कि यूजर्स को स्मूद विजुअल एक्सपीरियंस के अलावा बेहतर डिस्प्ले क्वॉलिटी मिलेगी।
इसके अलावा कंपनी अंडर-डिस्प्ले फ्रंट कैमरा से अच्छी वीडियो और इमेज क्वॉलिटी भी देगी।
इंतजार
कब आएगा अंडर-डिस्प्ले कैमरा वाला ओप्पो फोन?
ओप्पो की ओर से शेयर की गई तस्वीरों में प्रोटोटाइप डिवाइस बिना किसी पंच-होल के दिख रहा है।
ऐसे डिवाइस के मार्केट में लॉन्च पर ओप्पो ने अभी कुछ नहीं कहा है।
दरअसल, अंडर-डिस्प्ले कैमरा सेंसर तक पर्याप्त लाइट भी जानी चाहिए और डिस्प्ले क्वॉलिटी पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए, जिसे लेकर कई कंपनियां काम कर रही हैं।
चाइनीज कंपनी ZTE इस टेक के साथ फोन लाए हैं लेकिन उनसे क्लिक की गईं तस्वीरों की क्वॉलिटी अच्छी नहीं है।