
गूगल वर्कस्पेस लैब्स में जोड़ेगी डुएट AI असिस्टेंट, यूजर्स सुरक्षित रख सकेंगे डाटा
क्या है खबर?
गूगल अपने यूजर्स की गोपनीयता और डाटा को सुरक्षित करने के लिए वर्कस्पेस लैब्स में डुएट AI साइड पैनल के परीक्षण की तैयारी कर रही है।
कंपनी ने इसके लिए वर्कस्पेस लैब्स की गोपनीयता और शर्तों में कुछ बदलाव भी किया है।
बता दें कि डुएट AI एक रियल टाइम AI असिस्टेंट है, जिसका अनावरण कंपनी ने इसी साल मई में आयोजित I/O इवेंट में किया था।
कंपनी ने इसे अगस्त में क्लाउड नेक्स्ट इवेंट में भी प्रदर्शित किया था।
बदलाव
कंपनी ने शर्तों में क्या किया बदलाव?
9टू5गूगल के अनुसार, गूगल ने अपनी गोपनीयता और सेवा की शर्तों पर अपडेट शेयर किया है।
इसमें बताया गया है कि डुएट AI के शामिल होने पर डाटा मैनेजमेंट कैसे किया जाएगा।
कंपनी ने कहा है कि यूजर्स के ईमेल, दस्तावेज और स्प्रेडशीट को मानव समीक्षकों के सामने नहीं दिखाया जाएगा। साथ ही इसका उपयोग तब तक किसी प्रोडक्ट के सुधार के लिए भी नहीं किया जाएगा, जब तक कि इसे स्टोर करके नाम नहीं दिया गया हो।
तरीका
वर्कस्पेस लैब्स के लिए कैसे स्टोर होता है डाटा?
गूगल वर्कस्पेस लैब्स के लिए स्टोर किए गए डाटा में, यूजर प्रॉम्प्ट्स, यूजर्स इनपुट, गूगल के तरफ से चुने गए इनपुट और प्रॉम्प्ट्स में कॉम्बिनेशन शामिल होते हैं।
डाटा को कंपनी यूजर्स के गूगल अकाउंट में स्टोर करती है और यह 18 महीने तक स्टोर रहता है।
वर्कस्पेस के डाटा को लेकर गूगल यूजर्स को चेतावनी देती है कि संवेदनशील, गोपनीय और व्यक्तिगत जानकारी शामिल न करें, जिनका उपयोग आपके या किसी दूसरे के पहचान के लिए किया जा सके।