
गूगल ने सर्च इंजन व्यवसाय के लिए किया अमेरिकी अविश्वास कानून का उल्लंघन
क्या है खबर?
टेक दिग्गज कंपनी गूगल ने अपने सर्च इंजन व्यवसाय के साथ अमेरिकी अविश्वास कानून का उल्लंघन किया है। बीते दिन (5 अगस्त) इस मामले को लेकर एक संघीय न्यायाधीश ने फैसला सुनाया।
न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा है कि गूगल का सर्च इंजन अवैध रूप से प्रतिस्पर्धा को कुचलने और नवाचार को दबाने के लिए अपने प्रभुत्व का फायदा उठा रही है।
अगर यह फैसला कायम रहा तो यह गूगल के कारोबार करने के तरीके को बदल सकता है।
फैसला
277 पेज के फैसले में अदालत ने क्या कहा?
अमेरिकी जिला न्यायाधीश अमित मेहता द्वारा दिए गए 277 पेज के फैसले में लिखा गया, "गवाहों की गवाही और सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंचती है कि गूगल एक एकाधिकारवादी है और उसने अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए एकाधिकारवादी की तरह काम किया है।"
उन्होंने यह भी कहा कि सर्च बाजार में गूगल का दबदबा ही उसके एकाधिकार का बहुत बड़ा सबूत है।
नियम
गूगल ने इस नियम का उल्लंघन किया
मेहता ने कहा कि गूगल ने सर्च कारोबार पर अपनी एकाधिकार शक्ति का दुरुपयोग किया है, जिसमें ऐपल जैसी कंपनियों को अपने सर्च इंजन को उनके डिवाइस और वेब ब्राउजर पर डिफॉल्ट विकल्प के रूप में पेश करने के लिए भुगतान करना शामिल है।
गूगल ने शर्मन अधिनियम की धारा-2 का उल्लंघन किया है, जो किसी भी व्यक्ति या व्यवसाय के लिए व्यापार या वाणिज्य के किसी भी हिस्से पर एकाधिकार करना अवैध बनाती है।
तरीका
गूगल ने ऐसे किया काम
गूगल अपने सर्च इंजन को बढ़ावा देने के लिए ऐपल और सैमसंग सहित कई कंपनियों के वेब ब्राउजर और स्मार्टफोन में अपने सर्च इंजन के लिए अरबों डॉलर का भुगतान करती है।
सरकार ने तर्क दिया कि भुगतान करने से प्रतिस्पर्धियों को अपने स्वयं के सर्च इंजन को उस पैमाने पर बनाने से रोका गया, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए डाटा और पहुंच मिल सके।
न्याय विभाग ने 2020 में गूगल के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया था।