
गूगल ने नया AI मॉडल 'जेमिनी 2.0 फ्लैश थिंकिंग एक्सपेरिमेंटल' किया लॉन्च, जानिए इसकी खासियत
क्या है खबर?
टेक दिग्गज कंपनी गूगल ने 'जेमिनी 2.0 फ्लैश थिंकिंग एक्सपेरिमेंटल' नामक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल पेश किया है, जो अभी परीक्षण चरण में है।
यह AI स्टूडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और इसे प्रोग्रामिंग, गणित और भौतिकी से जुड़े क्षेत्रों के जटिल समस्याओं को हल करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे मल्टीमॉडल समझ, रीजनिंग और कोडिंग के लिए बेहतरीन माना गया है।
हालांकि, शुरुआती परीक्षणों से पता चलता है कि इसे और बेहतर बनाने की जरूरत है।
जवाब
जवाब देने में समय लेता है यह मॉडल
गूगल का जेमिनी 2.0 फ्लैश थिंकिंग एक्सपेरीमेंटल, रीजनिंग मॉडल पर आधारित है, जो जवाब देने से पहले सोचता और तर्क समझाता है। यह खुद तथ्य-जांच कर गलतियों से बचने की कोशिश करता है, लेकिन समाधान देने में ज्यादा समय लेता है।
यह मॉडल जटिल समस्याओं पर काम करता है, लेकिन कभी-कभी साधारण सवालों, जैसे 'स्ट्रॉबेरी में कितने R हैं', का गलत जवाब देता है। इसे AI में सुधार का प्रयास माना जा सकता है, लेकिन अभी इसमें खामियां हैं।
काम
200 शोधकर्ताओं की टीम कर रही काम
जेमिनी 2.0 फ्लैश थिंकिंग एक्सपेरीमेंटल मॉडल को और बेहतर बनाने के लिए गूगल की 200 से अधिक शोधकर्ताओं की टीम काम कर रही है।
o1 मॉडल की सफलता के बाद, डीपसीक और अलीबाबा जैसे प्रतिस्पर्धियों ने भी अपने रीजनिंग मॉडल पेश किए।
हालांकि, ये मॉडल काफी महंगे होते हैं और भारी कंप्यूटिंग शक्ति की मांग करते हैं, फिर भी AI में नए सुधारों की खोज के चलते इन पर काम तेजी से हो रहा है।