
गूगल AI ने पत्रकार की अप्रैल फूल की फर्जी खबर को बताया असली
क्या है खबर?
ब्रिटिश पत्रकार बेन ब्लैक हर साल अप्रैल फूल के मौके पर क्वम्ब्रान लाइफ वेबसाइट पर मजाकिया फर्जी खबरें प्रकाशित करते थे।
2020 में उन्होंने एक कहानी बनाई कि उनके शहर को सबसे ज्यादा राउंडअबाउट्स के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिला है।
यह सिर्फ मनोरंजन के लिए थी, लेकिन गूगल AI ने इसे वास्तविक समाचार की तरह दिखाया। जब ब्लैक को इस बारे में पता चला, तो वे हैरान और चिंतित हो गए, क्योंकि उन्होंने उसी दिन इसे मजाक बताया था।
खबर
AI टूल्स ने पुरानी खबर को फिर से फैलाया
ब्लैक ने जब अपनी पुरानी कहानियों की खोज की, तो पाया कि AI टूल्स और एक ड्राइविंग वेबसाइट उनकी पुरानी फेक न्यूज को अब भी फैला रहे थे।
यह खबर सड़क सुरक्षा से जुड़ी खोजों में वास्तविक जानकारी की तरह दिखाई जा रही थी, जिससे गलत सूचना फैल रही थी।
ब्लैक ने चिंता जताई कि इंटरनेट पर एक बार डाली गई जानकारी स्थायी हो सकती है, चाहे लेखक उसे अपडेट भी कर दे।
चुनौती
स्वतंत्र पत्रकारों के लिए बढ़ती चुनौती
ब्लैक ने कहा कि AI तकनीक स्वतंत्र पत्रकारों के लिए समस्या बनती जा रही है, क्योंकि यह उनकी मूल कंटेंट को बिना अनुमति अन्य प्रारूपों में प्रस्तुत कर देती है।
बड़ी मीडिया कंपनियां AI फर्मों से सौदे कर रही हैं, जिससे उन्हें फायदा हो रहा है, लेकिन छोटे पत्रकारों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा।
उनका मानना है कि यह पत्रकारिता की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता के लिए खतरा है, क्योंकि AI बिना सत्यापन के खबरें पेश कर रहा है।
फैसला
ब्लैक नहीं लिखेंगे अब ऐसी खबरें
इस घटना से निराश होकर ब्लैक ने फैसला किया कि वे अब अप्रैल फूल की फर्जी खबरें नहीं लिखेंगे।
उन्होंने कहा कि यह पत्रकारिता के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है, क्योंकि AI बिना सोचे-समझे पुरानी और गलत जानकारियों को फैला सकता है।
उन्होंने इंटरनेट यूजर्स को भी सतर्क रहने की सलाह दी कि वे किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले स्रोत की जांच जरूर करें।