
चीन बना रहा है दुनिया का पहला फ्यूजन-फिशन पावर प्लांट, कब तक होगा तैयार?
क्या है खबर?
चीन दुनिया का पहला फ्यूजन-फिशन हाइब्रिड पावर प्लांट बना रहा है, जो 2030 तक 100 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा।
इसे 'जिंगहुओ' नाम दिया गया है और यह जियांग्शी प्रांत में बनाया जाएगा। इस परियोजना पर 20 अरब युआन (लगभग 23,600 करोड़ रुपये) खर्च होंगे।
यह प्लांट फ्यूजन और फिशन, दोनों प्रक्रियाओं का उपयोग करेगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन अधिक प्रभावी होगा। चीन इस तकनीक में अग्रणी बनकर दुनिया को नई दिशा देने की तैयारी कर रहा है।
काम
कैसे काम करेगा यह हाइब्रिड प्लांट?
फ्यूजन वह प्रक्रिया है, जिसमें हल्के परमाणु मिलकर भारी मात्रा में ऊर्जा छोड़ते हैं, जबकि फिशन में भारी परमाणु टूटकर ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
यह प्लांट फ्यूजन से उत्पन्न न्यूट्रॉनों का उपयोग करेगा, जिससे पास में मौजूद फिशन ईंधन सक्रिय होगा और अधिक बिजली बनेगी।
इससे ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और रेडियोएक्टिव कचरा कम होगा। चीन का लक्ष्य इस प्लांट में 30 का क्यू मूल्य प्राप्त करना है, जो मौजूदा फ्यूजन परियोजनाओं से काफी अधिक है।
प्रयोग
दुनिया में पहली बार हो रहा है ऐसा प्रयोग
अब तक फ्यूजन और फिशन को अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया गया है, लेकिन चीन दुनिया में पहली बार दोनों को एक साथ मिलाकर बिजली उत्पादन करने जा रहा है।
यह प्लांट मौजूदा फिशन रिएक्टरों से अधिक सुरक्षित होगा और फ्यूजन की उन्नत तकनीक का लाभ भी उठाएगा।
अगर यह सफल हुआ, तो चीन ऊर्जा क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा और बाकी देशों से कई साल आगे निकल जाएगा।
योजनाएं
चीन की भविष्य की ऊर्जा योजनाएं
यह हाइब्रिड प्लांट चीन के फ्यूजन इंजीनियरिंग टेस्ट रिएक्टर का मार्ग प्रशस्त कर सकता है, जिसे 2030 के दशक में लॉन्च किया जा सकता है।
इस परियोजना की सफलता चीन को परमाणु ऊर्जा में सबसे आगे ला सकती है। वर्तमान में, पूरी दुनिया शुद्ध फ्यूजन ऊर्जा विकसित करने का प्रयास कर रही है।
हालांकि, चीन का यह फ्यूजन-फिशन प्लांट वास्तविक दुनिया में तेजी से उपयोग के लिए तैयार हो सकता है।