
12 साल की बच्ची ने टिक-टॉक को कोर्ट में घसीटा, लगाए गंभीर आरोप
क्या है खबर?
लंदन में रहने वाली एक 12 साल की लड़की ने शॉर्ट-वीडियो शेयरिंग ऐप टिक-टॉक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि अपनी पहचान छुपाते हुए उसने टिक-टॉक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बच्ची का कहना है कि टिक-टॉक ने यूरोपियन यूनियन के कड़े डाटा प्रोटेक्शन से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।
ऐप पर गलत तरीके से यूजर्स का डाटा जुटाने और डाटा विदेश भेजने के आरोप भी लगे हैं।
मामला
न्यायालय ने दी पहचान छुपाने की अनुमति
लंदन में एक जज ने बच्ची को खुद की पहचान छुपाते हुए न्यायालय की कार्यवाही का हिस्सा बनने की अनुमति दे दी है।
12 साल की लड़की का पक्ष इंग्लैंड के चिल्ड्रेन्स कमिश्नर एनी लॉन्गफील्ड रखेंगी।
लॉन्गफील्ड ने बताया कि न्यायालय ने बच्ची को पहचान छुपाने की अनुमति इसलिए दी है क्योंकि नाम सामने आने पर उसे बाकी टिक-टॉक यूजर्स की ओर से परेशान किया जा सकता है। इसके अलावा बच्ची सोशल मीडिया सिलेब्रिटीज के निशाने पर आ सकती है।
फैसला
निजता के अधिकार को नुकसान ना पहुंचाना मकसद
पिछले सप्ताह बच्ची को पहचान छुपाने की अनुमति देने का फैसला सुनाते हए जज मार्क वार्बी ने कहा कि बच्ची न्यायालय की कार्यवाही का हिस्सा बनने जा रही है और निजता के अधिकार के साथ आगे बढ़ सकती है।
मार्क ने कहा कि बच्ची की पहचान जाहिर करने से डाटा प्रोटेक्शन संबंधी अधिकारों को लेकर उसकी ओर से लगाए गए आरोप प्रभावित हो सकते हैं और केस पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
आयु सीमा
13 साल से कम वाले ना बनाएं टिक-टॉक वीडियो
मजेदार बात यह है कि टिक-टॉक की नियम और शर्तों में कहा गया है कि ऐप इस्तेमाल करने के लिए यूजर की उम्र कम से कम 13 साल होनी चाहिए।
हालांकि, टिक-टॉक का एक और वर्जन है, जिसपर 13 साल से कम उम्र वाले यूजर्स वीडियो बना तो सकते हैं, लेकिन पोस्ट नहीं कर सकते। इसपर वही वीडियो दिखते हैं, जो बच्चों के लिए ठीक हों।
इस तरह आरोप लगाने वाली बच्ची को टिक-टॉक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।
आरोप
पहले भी निशाने पर आई है टिक-टॉक
टिक-टॉक ऐप पर इस बार यूजर का डाटा देश से बाहर भेजने के आरोप लगे हैं और बच्चों का डाटा जुटाने के मामले में उसे पहले भी हर्जाना देना पड़ा है।
जून, 2020 में यूरोपियन यूनियन के डाटा प्रोटेक्शन हेड्स ने टिक-टॉक की डाटा जुटाने से जुड़ी व्यवस्था की जांच के लिए टास्क फोर्स तैयार की है।
हालांकि, टिक-टॉक ने ऐसे सभी आरोपों को नकारते हुए दोहराया है कि यूजर्स की निजता और सुरक्षा ऐप की प्राथमिकता है।
जानकारी
पिछले साल के सबसे लोकप्रिय ऐप्स में शामिल
तमाम चुनौतियों और कई देशों में बैन के बाद भी टिक-टॉक 2020 के सबसे लोकप्रिय ऐप्स में शामिल रही। 2020 के आखिर तक टिकटॉक के 80 करोड़ से ज्यादा ऐक्टिव यूजर्स हो चुके हैं और यह फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स को टक्कर दे रही है।