
उमर अब्दुला ने की जम्मू-कश्मीर का अलग प्रधानमंत्री बनाने की बात, मोदी ने दिया यह जवाब
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुला के बयान को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों से सवाल किए हैं।
दरअसल, अब्दुला ने एक रैली में कहा था कि वे जम्मू-कश्मीर में दोबारा अलग वजीर-ए-आजम और सदर-ए-रियासत की व्यवस्था को बहाल कराएंगे।
इस बयान पर कांग्रेस को घेरते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्या कारण है कि उनका सहयोगी दल इस तरह की बात बोलने की हिम्मत कर रहा है।
आइये, जानते हैं पूरा मामला।
बयान
यह था उमर अब्दुला का बयान
उमर अब्दुला सोमवार को बांदीपोरा में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा, "बाकी रियासत बिना शर्त के देश में मिले, पर हमने कहा कि हमारी अपनी पहचान होगी, अपना संविधान होगा। हमने उस वक्त अपने 'सदर-ए-रियासत' और 'वजीर-ए-आजम' भी रखा था। इंशाअल्लाह उसको भी हम वापस ले आएंगे।"
उन्होंने कहा कि कश्मीर का भारत में विलय कुछ शर्तों के साथ हुआ था। अगर इनसे छेड़छाड़ हुई तो विलय की योजना सवालों में आ जाएगी।
ट्विटर पोस्ट
उमर अब्दुला का बयान
#WATCH Omar Abdullah in Bandipora says, "Baaki riyasat bina shart ke desh mein mile, par humne kaha ki humari apni pehchan hogi, apna constitution hoga. Humne uss waqt apne 'Sadar-e-Riyasat' aur 'Wazir-e-Azam' bhi rakha tha, Inshallah usko bhi hum wapas le aayenge." pic.twitter.com/mPPoELKT8G
— ANI (@ANI) April 1, 2019
प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री ने की बयान की आलोचना
उमर अब्दुला के इस बयान पर प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में एक चुनावी रैली में पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि, "वो कहते हैं कि हम घड़ी की सुई पीछे ले जाएंगे और 1953 के पहले की स्थिति पैदा करेंगे और हिंदुस्तान में दो पीएम होंगे। कश्मीर का पीएम अलग होगा। जवाब कांग्रेस को और महागठबंधन के सभी पार्टनरों को देना होगा कि क्या कारण है कि उनका साथी दल इस तरह की बात बोलने की हिम्मत कर रहा है।"
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी के सवाल
PM Modi in Telangana says "Congress ke ek bade sahyogi dal, National Conference ne bayan diya hai ki Kashmir mein alag PM hona chahiye. Congress ko jawab dena hoga. Kya karan hai ki unka saathi dal is prakar ki baat bolne ki himmat kar raha hai." pic.twitter.com/S8BYKpaqrY
— ANI (@ANI) April 1, 2019
जानकारी
कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों से मांगा जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस का एक बड़ा सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन की पार्टियों के नेताओं को इस पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए।
पलटवार
उमर अब्दुला ने किया पलटवार
प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद उमर ने फिर ट्वीट कर पलटवार किया।
उन्होंने लिखा, 'कांग्रेस और दूसरी पार्टियां मेरे बयान से खुद को अलग करने में संकोच ना करें। मेरी पार्टी ने हमेशा से जम्मू-कश्मीर के विलय के उन सभी नियमों की बहाली की बात कही है जिनपर महाराजा हरि सिंह ने 1947 में जम्मू-कश्मीर के विलय के लिए समझौता किया था। प्रधानमंत्री मोदी को मेरे बयान पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।'
ट्विटर पोस्ट
अपने बयान पर कायम उमर अब्दुला
I’m humbled by the attention PM Modi pays to my speeches very grateful to the social media cell of the BJP for highlighting my speech today, especially by WhatsApp’ing it to journalists. Your reach is far greater than mine.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) April 1, 2019
विशेष प्रावधान
1965 तक राज्य में होते थे प्रधानमंत्री
देश को 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन भारत में कश्मीर का विलय अक्तूबर में हुआ था।
कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने 27 अक्टूबर 1947 को भारत में विलय के लिए 'इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ एक्सेशन' को स्वीकार किया था।
संविधान का अनुच्छेद 370 एक 'अस्थायी प्रबंध' के जरिए जम्मू और कश्मीर को एक विशेष राज्य का दर्जा देता है।
राज्य में 1965 तक राज्यपाल की जगह सदर-ए-रियासत और मुख्यमंत्री की जगह प्रधानमंत्री पद हुआ करता था।