
जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की तैयारी, साथ आ सकती हैं पीडीपी, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर में नये सियासी समीकरण बनते दिख रहे हैं। बीजेपी के साथ गठबंधन से अलग होने के बाद अब पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी), कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के साथ मिलकर सरकार बना सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार गठन के लिए बातचीत जारी है।
बताया जा रहा है बीजेपी, सज्जाद लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व में सरकार बनाने वाली थी, लेकिन इन दोनों के विधायकों की संख्या मिलकर भी बहुमत के पास नहीं पहुंच रही थी।
विधायकों की संख्या
तीनों पार्टियों के विधायकों की संख्या बहुमत के पार
अब पीडीपी, कांग्रेस और एनसी सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाने को तैयार हैं।
अगर तीनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाती हैं तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पीडीपी के पास ही रहेगी।
हालांकि, महबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री बनने की संभावना कम है, लेकिन सरकार का नेतृत्व पीडीपी ही करेगी।
बता दें, 87 विधानसभा वाले जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के पास 28, एनसी के पास 15 और कांग्रेस के पास 12 सीटें हैं। तीनों पार्टियों के विधायकों की कुल संख्या 55 है।
मौजूदा स्थिति
जम्मू-कश्मीर में लागू है राज्यपाल शासन
साल 2014 में हुए विधासभा चुनाव के बाद पीडीपी ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।
बीजेपी द्वारा समर्थन वापस लेने के कारण इस साल 16 जून को महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी।
इसके बाद से राज्य में राज्यपाल शासन लागू है। इसकी समय सीमा 19 दिसंबर को खत्म हो रही है। इसे दोबारा लागू नहीं किया जा सकता।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कुछ दिन पहले कहा था कि विधानसभा को भंग नहीं किया जाएगा।
समर्थन
बाहर से समर्थन करेगी नेशनल कांफ्रेस
एनसी ने कहा कि वो पीडीपी और कांग्रेस के इस गठबंधन में शामिल नहीं होगी और इसे बाहर से समर्थन देगी।
बता दें, राज्य में एनसी और पीडीपी को एक-दूसरे का मजबूत विरोधी माना जाता है।
2014 में विधानसभा चुनाव के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पीडीपी को समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन पीडीपी ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।
पीडीपी और कांग्रेस इससे पहले मिलकर 2002 से 2007 तक राज्य में सरकार बना चुके हैं।