
कोरोना का प्रभाव: एक सप्ताह में कैंसिल हुई 184 ट्रेन, रेलवे को 454 करोड़ का नुकसान
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के आगे पूरी दुनिया बेबस नजर आ रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से इसे महामारी घोषित किए जाने के बाद सभी देशों के लोग चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ऐहतियात बरत रहे हैं।
इसके चलते लोग अब बस, ट्रेन और हवाई सफर करने से भी बचने लगे हैं।
यही कारण है कि देश में गत सप्ताह में रेलवे प्रशासन ने 184 यात्री ट्रेनों के संचालन को कैंसिल कर दिया है।
नुकसान
रेलवे को हुआ 454 करोड़ रुपये का नुकसान
रेलवे मंत्रालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कोरोना के खौफ के चलते यात्रियों के ट्रेनों में सफर करने से कतराने के कारण पिछले एक सप्ताह में 184 ट्रेनों का संचालन कैंसिल करना पड़ा है।
इससे रेलवे को 454 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
रेलवे की ओर से लगातार गिरते यात्रीभार के कारण अकेले मंगलवार को ही देश के प्रमुख मार्गों पर चलने वाली करीब 85 ट्रेनों का संचालन कैंसिल किया था।
जानकारी
देश में प्रतिदिन होता है 20 हजार ट्रेनों का संचालन
बता दें कि रेलवे की ओर से देशभर में प्रतिदिन 20 हजार ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इससे रेलवे को सालाना 1.97 लाख करोड़ रुपये की राजस्व आय होती है, लेकिन कोरोना के कारण रेलवे की आय में लगातार कमी आ रही है।
गिरावट
ट्रेनों के यात्रीभार में आई 45% की गिरावट
रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2019 की तुलना में चालू वर्ष के ट्रेनों की आरक्षित श्रेणी के यात्रीभार में 69 लाख की कमी आई है। यह रेलवे के कुल यात्रीभार का 45 प्रतिशत हिस्सा है।
इसके अलावा सामान्य टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है।
बुधवार को भी 99 ट्रेनों का संचालन कैंसिल करना पड़ा था। अब तक गत वर्ष की तुलना में 63% ट्रेनों का संचालन कैंसिल कर चुका है।
तैयारी
कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए रेलवे ने की बड़ी तैयारी
रेल मंत्री द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कई उपाय करने की घोषणा की गई है।
जिसमें छह सदस्यीय पांच COVID-19 रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है।
इन टीमों में रेलवे बोर्ड के छह कार्यकारी निदेशक भी शामिल हैं। यह टीम बचाव के लिए किए जाने वाले कार्यों का समन्वयन करेगी।
मंत्रालय ने कहा कि प्रत्येक जोन का एक नोडल अधिकारी तैयारियों के संपर्क के बिंदु के रूप में काम करेगा।
जानकारी
रेलवे नेटवर्क पर भी उपल्बध कराई जाएगी आइसोलेशन वार्ड की सुविधा
रेलवे मंत्रालय ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए उसके प्रसार को रोकने के लिए रेलवे नेटवर्क पर आइसोलेशन वार्ड की सुविधा भी मुहैया कराएगा। इससे सफर के दौरान किसी के पॉजिटिव पाए जाने पर उसे वहां रखा जा सके।
सलाह
यात्रियों को दी जाएगी जुकाम-बुखार होने पर यात्रा नहीं करने की सलाह
कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रेलवे की ओर से एक बड़ा कदम यह भी उठाया जा रहा है कि वह रेलवे स्टेशनों पर होर्डिंग्स व बैनरों के जरिए लोगों को जुकाम, खांसी और बुखार होने पर यात्रा नहीं करने की सलाह देगा।
इसके अलावा रेलवे ने स्टेशनों पर लोगों की भीड़ को कम करने के लिए सभी रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत को 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है।
क्लीनिक
रेलवे स्टेशनों पर संचालित किए जा रहे हैं क्लीनिक
कोरोनो के प्रसार को रोकने तथा सामान्य बीमारी होने पर भी मरीजों की जांच के लिए रेलवे की ओर से अधिक से अधिक स्टेशनों पर मोबाइल क्लीनिक खोले जा रहे हैं।
ऐसे में सफर के दौरान यदि किसी व्यक्ति को खांसी-जुकाम और बुखार होता है तो वह स्टेशन पर संचालित मोबाइल क्लीनिक पर अपना उपचार करा सकता है।
इस दौरान यदि चिकित्सक को यात्री में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो वह उसे जांच के लिए भिजवा सकता है।
नुकसान
पर्यटकों के नहीं आने से होगा 18 अरब रुपये का नुकसान
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के उपाध्यक्ष राजीव मेहरा ने बताया कि कोरोना के कारण देश का पर्यटन व्यवसाय औंधे मुंह गिर गया है।
ईस्टर पर्व पर जर्मनी, लंदन, स्पेन, इटली, सहित यूरोप के दूसरे देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक भारत घूमने आते हैं।
इस अवधि में डेढ़ लाख से अधिक पर्यटकों के भारत आने की उम्मीद थी, लेकिन वो अब नहीं आ पाएंगे।
इससे देश के पर्यटन उद्योग को 18 अरब रुपये का नुकसान होने की संभावना है।
स्थिति
दुनिया और भारत में ये है कोरोना वायरस की स्थिति
कोरोना वायरस धीरे-धीरे दुनिया के सभी देशों को अपने चपेट में लेता जा रहा है। दुनियाभर में अब तक इससे 8,969 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसी तरह दो लाख 19 हजार 345 लोगों से इससे संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है।
वहीं भारत में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 171 पहुंच गई है। इनमें 2 नए मरीज गुरुवार को मिले हैं। इसके अलावा अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।