
कोरोना वायरस: दिल्ली में मार्च से अब तक 1,200 से अधिक डॉक्टर और नर्स हुए संक्रमित
क्या है खबर?
राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और वर्तमान में इनकी संख्या 53,116 पर पहुंच गई है।
चौकाने वाली बात यह है कि यहां लोगों का इलाज करने वाले डॉक्टर और नर्स भी बड़ी तेजी से इस वायरस की चपेट में आते जा रहे हैं।
यही कारण है कि यहां केंद्र और राज्य सरकार के अधीन आने वाले नौ प्रमुख अस्पतालों में अब तक 1,207 डॉक्टर और नर्स कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
निजी अस्पताल
निजी अस्पताल और यूनाइटेड नर्स एसोसिएशन से जुटाए आंकड़े
न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में संक्रमित हुए डॉक्टर और नर्स का डेटा एकत्र करने के लिए निजी अस्पताल और यूनाइटेड नर्स एसोसिएशन का भी सहयोग लिया गया है।
हालांकि, देश के अन्य शहरों में स्थिति अभी सामने नहीं आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस पर कोई जानकारी साझा नहीं की है।
अगर इस आंकड़े में अस्पताल के लैब टैक्नीशियन, सफाईकर्मी आदि को जोड़ा जाए तो संख्या 2,000 से भी ज्यादा हो जाएगी।
संख्या
श्री गंगाराम अस्पताल में सबसे ज्यादा 313 डॉक्टर-नर्स हुए कोरोना संक्रमित
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में सबसे ज्यादा 313 नर्स और डॉक्टर श्री गंगाराम अस्पताल के संक्रमित हुए हैं।
इसी तरह राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 145, AIIMS में 140, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में 100, गुरु तेग बहादुर अस्पताल 95, सफदरजंग अस्पताल 80, लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल 75, दीप चंद बंधु अस्पताल छह, सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल में दो नर्स और डॉक्टर संक्रमित मिले हैं।
इसी तरह अन्य निजी अस्पतालों में 250 नर्स और डॉक्टर संक्रमित है।
जानकारी
AIIMS में मेडिकल स्टाफ के कुल 645 लोग हुए संक्रमित
रिपोर्ट में बताया गया है कि AIIMS में मेडिकल स्टॉफ के कुल 645 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इसमें से 141 डॉक्टर और नर्स हैं। बाकियों में लैब असिस्टेंट, लैब टेक्नीशियन, सैनिटेशन वर्कर, सिक्योरिटी गार्ड, ड्राइवर और नॉन मेडिकल स्टाफ शामिल हैं।
परेशानी
काम के घंटे बढ़ने और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होने से बढ़ी परेशानी
रिपोर्ट में बताया है कि नर्स और डॉक्टर के संक्रमित मिलने पर अन्य स्टाफ के काम के घंटे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा अस्पतालों में उन्हें पर्याप्त PPE किट भी नहीं मिल रही है।
असमान ड्यूटी के कारण चिकित्साकर्मियों को घबराहट और थकान का भी सामना करना पड़ रहा है। ड्यूटी के दौरान वह पानी भी नहीं पी सकते हैं।
गत दिनों AIIMS के स्टाफ ने विरोध भी जताया था। कुछ निजी अस्पतालों में तो इस्तीफे भी सौंपे गए हैं।
सुरक्षा
परिवार की सुरक्षा की भी रहती है चिंता
अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर और नर्सों के सामने परिवार को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में वह घर जाने से बचते हैं। कई अस्पतालों में उनके रहने की व्यवस्था नहीं होने के कारण भी उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हालांकि, अधिकरत अस्पतालों ने कोरोना ड्यूटी में लगे मेडिकल स्टाफ के ठहरने के लिए अस्पताल क्वार्टर और होटलों में व्यवस्था कर रखी है। ऐसे में वह कई दिनों तक घरों से दूर रहते हैं।
जानकारी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने घटाई चिकित्साकर्मियों की क्वारंटाइन अवधि
डॉक्टर और नर्सों पर बढ़ती परेशानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गत दिनो स्वास्थ्य मंत्रायल ने उनकी क्वारंटाइन अवधि 15 दिन से घटाकर एक सप्ताह की कर दी है। इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है।
मजबूरी
उपलब्ध संसाधनों में कर रहे हैं व्यवस्था
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की निदेशक डॉ एनएन माथुर ने कहा कि डॉक्टर और नर्सों के लिए उपलबध संसाधनों के आधार पर बेहतर सुविधा मुहैया कराई जा रही है। उन्हें संक्रमण से बचने के लिए भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल के निदेशक डॉ सुरेश कुमार ने कहा कि संक्रमित चिकित्साकर्मियों के लिए अस्पताल में अलग वार्ड बनाया गया है। उसकी सुविधा के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
संक्रमण
दिल्ली में यह है कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति
बता दें कि शुक्रवार रात तक दिल्ली में 3,137 नए मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या 53,116 हो गई है।
इनमें से 27,512 सक्रिय मामले हैं और 23,569 लोग उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं। इसी तरह राज्य में अब तक 2,035 लोगों की मौत हुई है।
दिल्ली देश में वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में तीसरे स्थान पर है। जबकि मृत्यु दर के मामले में महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है।