
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राम नवमी पर हुई हिंसा को लेकर बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी
क्या है खबर?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से राम नवमी पर राज्य में हुई हिंसा और कथित रूप से बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
बंगाल भाजपा प्रमुख डॉ सुकांता मजूमदार ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा था, जिसके बाद ये रिपोर्ट मांगी गई है।
राम नवमी के बाद हावड़ा और हुगली समेत कई जिलों में जमकर पत्थरबाजी और आगजनी हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
पत्र
बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने लिखा था शाह को पत्र
बंगाल भाजपा अध्यक्ष मजूमदार ने अमित शाह को लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया था कि पुलिस महानिदेशक (DGP) मनोज मालवीय के नेतृत्व में बंगाल पुलिस लोगों को बचाने में विफल रही है और दंगाइयों पर कार्रवाई करने की जगह पीड़ित हिंदू परिवारों पर कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने आगे लिखा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों को हिंसाग्रस्त इलाकों में जाने से रोका जा रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता इन इलाकों में घूम रहे हैं।
मुलाकात
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के साथ की मुलाकात
मजूमदार के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉक्टर सीवी बोस के साथ मुलाकात कर राम नवमी पर हुई हिंसा को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा था।
उन्होंने राज्यपाल से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की, जिससे पीड़ित लोगों को न्याय मिल सके।
राज्यपाल का कहना है कि भीड़तंत्र से लोकतंत्र को पटरी से उतारने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा जाएगी और अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चिंता
मुख्यमंत्री ममता ने हनुमान जयंती को लेकर जताई है चिंता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 6 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हिंसा होने की आशंका जताते हुए चिंता जाहिर की है। ममता ने कहा था कि वह बजरंगबली का सम्मान करती हैं, लेकिन उपद्रवियों के पास दंगों की योजना हो सकती है।
ममता ने हुगली में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा था कि कुछ लोग जानबूझकर अनुमति के बिना शोभायात्रा निकाल रहे थे और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
हिंसा
हावड़ा और हुगली में हुई थी सबसे ज्यादा हिंसा
राम नवमी के मौके पर हावड़ा में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 2 समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई और उपद्रवियों ने आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया था।
इसके बाद हुगली जिले में रविवार शाम को एक शोभायात्रा के दौरान फिर से हिंसा भड़क गई थी, जिसमें पत्थरबाजी के दौरान भाजपा के विधायक बिमन घोष समेत कई लोग घायल हुए थे।
रिपोर्ट
कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी बंगाल सरकार से मांगी है रिपोर्ट
बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी पश्चिम बंगाल सरकार से राम नवमी पर हावड़ा में हुई हिंसा को लेकर 5 अप्रैल तक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।
कोर्ट ने पुलिस को हिंसा की CCTV फुटेज और वीडियो के साथ-साथ गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची जमा करने का निर्देश भी दिया है।
बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से करवाने को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की है।