AI इंपैक्ट समिट 2026 में कई देशों के राष्ट्रपति समेत कौन-कौन कर रहा भागीदारी?
क्या है खबर?
दिल्ली में प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम AI शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय नेताओं की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यहां 16 से 20 फरवरी तक कई देशों के विदेशी मेहमान जुटेंगे। इंडिया-AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 तीन सिद्धांतों पर आधारित है- लोग, ग्रह और प्रगति, जो AI पर सहयोग के लिए भारत के दृष्टिकोण को परिभाषित करते हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 45 से अधिक देशों से मंत्रिमंडल प्रतिनिधि आएंगे।
मेहमान
कौन-कौन मेहमान होगा शामिल?
सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शेखर और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान समेत 20 देशों के प्रमुख नेता शामिल होंगे। सभी प्रमुख नेताओं के साथ उनके देश का प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन में शामिल होगा। सम्मेलन में पाकिस्तान को छोड़कर करीब 100 देशों को आमंत्रण भेजा गया है।
मेहामन
ये प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे
शिखर सम्मेलन में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस, गुयाना के उपराष्ट्रपति भरत जगदेव, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्ज़हास बेक्टेनोव, लिकटेंस्टीन के वंशानुगत राजकुमार एलोइस, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नविनचंद्र रामगुलाम, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ पेरेज़-कास्टेजोन, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन, नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक शूफ भी शामिल होंगे।
अधिकारी
कंपनियों के CEO भी सम्मेलन में होंगे
सम्मेलन में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसाफ्ट के सत्य नडेला-ब्रैड स्मिथ, गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हसाबिस, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी, मेटा के मुख्य वैज्ञानिक यान लेकन, AI गॉडफादर योशुआ बेंगियो, सर्न-स्विट्जरलैंड की वैज्ञानिक अर्चना शर्मा समेत सैकड़ों शोधकर्ता शामिल होंगे। सम्मेलन में 500 से अधिक सत्र होंगे, जिनमें AI सुरक्षा, शासन, नैतिक उपयोग, डेटा संरक्षण, संप्रभु AI के प्रति भारत का दृष्टिकोण रखा जाएगा।