
तिहाड़ में बंद चिदंबरम को नहीं मिली राहत, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
क्या है खबर?
तिहाड़ जेल में बंद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने INX मीडिया केस में चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
इस मामले की CBI और ED दोनों जांच कर रही है। फिलहाल चिदंबरम ने CBI से जुड़ी जांच में जमानत की याचिका लगाई थी, जो खारिज हो चुकी है।
अब उन्हें तिहाड़ में ही रहना होगा। चिदंबरम 5 सितंबर से तिहाड़ में बंद है। उन्हें 3 अक्तूबर तक यहां रहना होगा।
आरोप
चिदंबरम पर लगे हैं ये आरोप
INX मीडिया केस में चिदंबरम पर पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के INX मीडिया समूह को नियमों के विरुद्ध विदेश से 305 करोड़ रुपये का फंड हासिल करने में सहायता करने का आरोप है।
मामला 2007 का है और तब चिदंबरम वित्त मंत्री थे।
INX मीडिया को विदेशी फंड हासिल करने की मंजूरी देने के FIPB के सहमति प्रस्ताव पर चिदंबरम ने हस्ताक्षर किए थे।
उनके बेटे कार्ति चिदंबरम भी इस मामले में जेल जा चुके हैं।
मामले
CBI और ED में चल रहे दो अलग-अलग मामले
मामले में चिदंबरम पर CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) में अलग-अलग जांच चल रही हैं।
CBI ने अपने मामले में चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था और 5 सितंबर तक वह उसकी कस्टडी में रहे।
इसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
वहीं ED मामले में 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत की उनकी याचिका खारिज करते हुए ED के उन्हें गिरफ्तार करने पर लगी रोक हटा दी थी।
मामला
दो बार ED के सामने आत्मसमर्पण का प्रस्ताव रख चुके हैं चिदंबरम
ED के उन्हें गिरफ्तार करने पर लगी रोक हटने के बाद चिदंबरम दो बार ED के सामने आत्मसमर्पण करने का प्रस्ताव कोर्ट के सामने रख चुके हैं ताकि उन्हें तिहाड़ जेल न जाना पड़े। लेकिन दोनों बार उनके हाथ निराशा लगी।
उन्होंने मामले में जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है, जिस पर कोर्ट ने CBI को सात दिन के अंदर इस पर जवाब देने का निर्देश दिया है। फिलहाल यही उनकी उम्मीद है।
मुलाकात
मनमोहन सिंह और सोनिया ने की थी मुलाकात
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तिहाड़ में बंद चिदंबरम से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद मनमोहन सिंह ने बयान जारी कर कहा कि जिस प्रस्ताव को मंजूरी देने वाले अधिकारी दोषी नहीं तो फिर चिदंबरम पर बतौर वित्त मंत्री अपराध करने का आरोप कैसे लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर एक मंत्री को किसी सिफारिश को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा तो पूरी सरकारी प्रणाली ध्वस्त हो जाएगी।