
मशहूर टिनटिन कॉमिक्स के नए संस्करण पर बहस तेज, जानिए क्या है विवाद का कारण
क्या है खबर?
कॉर्टून कॉमिक्स टिनटिन को लेकर दुनियाभर के लोगों के बीच जबरदस्त दीवानगी रही है। दुनिया के अलग-अलग देशों में घूमकर रहस्यों को सुलझाने वाला कार्टून कैरेक्टर टिनटिन बहुत कम समय में सबका चहेता बन गया।
इसका नया संशोधित संस्करण जब से आया है, यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ इसे सही ठहरा रहे हैं तो कुछ गलत।
हालांकि, कुछ नस्लवाद विरोधी समूह अब भी इसका विरोध कर रहे हैं।
प्रतिबंध
2011 में बच्चों के लिए प्रतिबंधित कर दी थी 'टिनटिन इन कांगो'
बता दें कि टिनटिन कॉमिक पुस्तकों को लेकर काफी विवाद भी रहा है, खासकर इसमें अफ्रीकियों के उपनिवेशवादी चित्रण को लेकर। यही वजह है कि 2011 में नस्लवाद की आशंका के चलते कॉमिक बुक 'टिनटिन इन कांगो' बच्चों के लिए प्रतिबंधित कर दी गई थी।
इसे लेकर हुआ विवाद थम जाए, इसलिए हाल ही में हाल ही में टिनटिन पुस्तकों का एक संशोधित संस्करण जारी किया गया , लेकिन इसे भी नस्लवाद विरोधी समूहों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।
समर्थन
कुछ नस्लवाद विरोधी संघों ने किया बदलाव का समर्थन
नए संस्करण में तमाम बदलाव किए गए हैं जैसे एक जगह टिनटिन एक अफ्रीकी बच्चे को गणित पढ़ाता है, जबकि मूल में वह बच्चे को यह सिखाता दिखा था कि उसका गृह राष्ट्र बेल्जियम है।
किताब के कवर को भी बदल दिया गया है। जहां मूल संस्करण में टिनटिन एक काले बच्चे के साथ बैठा था, वहीं संशोधित संस्करण में उसे एक शेर के सामने खड़ा दिखाया गया है।
कई नस्लवाद विरोधी संघों ने इन बदलावों का स्वागत किया है।
पक्ष
हर्जे एसोसिएशन के प्रमुख ने किया बचाव
बेल्जियम के कॉमिक स्ट्रिप कलाकार हर्गे द्वारा लिखित 'टिनटिन इन द कांगो', 'द एडवेंचर्स ऑफ टिनटिन' का दूसरा खंड पहली बार 1931 में प्रकाशित हुआ था।
फ्रेंड्स ऑफ हर्जे एसोसिएशन के प्रमुख फिलिप गॉडिन ने नस्लवाद के संदर्भ में टिनटिन के निर्माता का बचाव किया। उनके मुताबिक, किताब में न सिर्फ अश्वेत, बल्कि श्वेत लोगों का भी मजाक उड़ाया गया।
गोडिन ने कहा, "कैरिकेचर और नस्लवाद के बीच एक पतली सी लकीर है, उन्होंने उस रेखा को पार नहीं किया।"
बयान
उपनिवेशवादी प्रचार के इतिहासकार ने कही ये बात
दूसरी तरफ उपनिवेशवादी प्रचार के इतिहासकार पास्कल ब्लैंचर्ड ने कहा कि वह आश्चर्यचकित थे कि प्रकाशकों ने बदलावों की विशेष घोषणा नहीं की। न तो कवर पर नए प्रस्तावना का उल्लेख किया गया। उन्होंने प्रस्तावना को बेहद विवादास्पद बताया।
वह बोले, हर्जे को बेल्जियम कांगो के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। यह उन्होंने खुद स्वीकारा था कि वह बस ये जानते थे कि जब उन्होंने किताब लिखी, उस समय लोग बेल्जियम कांगो के बारे में क्या बातें करते थे।
लोकप्रियता
बेहद लोकप्रिय है 'टिनटिन'
हर्जे को 20वीं सदी के अग्रणी कार्टूनिस्टों में से एक माना जाता है। उनकी अनूठी शैली ने पॉप कलाकार एंडी वारहोल और अमेरिका के रॉय लिचेंस्टीन सहित कई कलाकारों को प्रभावित किया है।
बात करें कैरेक्टर टिनटिन की तो इसके कारनामों का 130 भाषाओं में अनुवाद किया गया है। इसकी अब तक 26 करोड़ कॉपियां बिक चुकी हैं, वहीं इस लोकप्रिय कार्टून कैरेक्टर पर टीवी शो और एक हॉलीवुड फिल्म भी बनाई जा चुकी है।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
टिनटिन की पहली कार्टून सीरीज का नाम था 'द एडवेंचर्स ऑफ टिनटिन।' टिनटिन एक साहसी रिपोर्टर है, जो अपने कुत्ते स्नोई के साथ दुनियाभर में यात्रा करता है। टिनटिन कैरेक्टर बेल्जियम के कार्टूनिस्ट जॉर्जिस रेमी उर्फ हर्जे के दिमाग की उपज था।