
केंद्र सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश, जानिए क्या-क्या कहा
क्या है खबर?
भारत में पिछले लंबे समय से कोचिंग संस्थानों में मनमानी फीस वसूली, छात्रों पर अनावश्यक दबाव और छात्रों के आत्महत्या करने के मामले सामने आ रहे हैं।
इसे लेकर शिक्षा मंत्रालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है और देश में कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसमें कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण के लिए न्यूनतम मानक आवश्यकताएं, फीस संरचना, बुनियादी ढांचा, पाठ्यक्रम के बारे में निर्देश शामिल हैं।
आइए कुछ महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में जानते हैं।
#1
16 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं मिलेगा प्रवेश
निर्देशों के मुताबिक, अब 16 साल से कम की आयु वाले छात्र कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं मिलेगा।
हालांकि, 16 साल से कम उम्र में माध्यमिक विद्यालय की परीक्षा पास करने वाले छात्र दाखिला ले सकेंगे।
छात्रों के स्कूल के समय पर कोई भी कोचिंग कक्षाएं आयोजित नहीं की जा सकेंगी।
एक दिन में 5 घंटे से अधिक कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। सुबह जल्दी और देर शाम तक कोचिंग कक्षाओं का संचालन नहीं किया जा सकेगा।
#2
शिक्षकों का स्नातक होना होगा जरूरी
कोचिंग संस्थान में पढ़ाने वाले शिक्षकों को स्नातक पास होना जरूरी होगा। इससे कम शैक्षिक योग्यता वाले शिक्षकों को नियुक्ति नहीं दी जा सकेगी।
इसके अलावा अपराधिक रिकॉर्ड वाले शिक्षकों को नियुक्ति देने पर भी रोक लगाई गई है।
छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल के अलावा अन्य करियर विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी।
इसके अलावा छात्रों को मानसिक तनाव से बचाने के लिए परामर्श कार्यक्रम और अनुभवी मनोवैज्ञानिक चर्चाओं को भी प्रोत्साहित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
#3
भ्रामक विज्ञापन नहीं दे पाएंगे कोचिंग संस्थान
कोचिंग संचालक अपने संस्थान में छात्रों का दाखिला बढ़ाने के लिए भ्रामक वादे या अच्छी रैंक की गारंटी नहीं दे पाएंगे।
संस्थान अपने कोचिंग की गुणवत्ता, उसमें दी जाने वाली सुविधाएं या छात्र द्वारा प्राप्त परिणाम के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी दावे से संबंधित भ्रामक विज्ञापन को प्रकाशित नहीं करेंगे।
कोचिंग संस्थानों को अपनी वेबसाइट बनानी होगी। इसमें विभिन्न पाठ्यक्रम, शुल्क वापसी की नीति और कोचिंग करने वाले छात्रों की संख्या का विवरण देना होगा।
#4
मनमानी फीस वसूली पर लगेगी रोक
कोचिंग संस्थान किसी छात्र से मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे। संस्थानों की ओर से छात्रों को विस्तृत रसीद दी जाएगी।
इसमें पाठ्यक्रम, कक्षा की अवधि, छात्रावास सुविधा, निकास नीति और शुल्क वापसी की प्रक्रियाओं के बारे में विवरण शामिल करना होगा।
कोचिंग संस्थानों को नोट्स और अन्य सामग्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के देनी होगी।
अगर छात्र बीच में कोचिंग छोड़ता है तो शुल्क वापस करना होगा। किसी विशेष पाठ्यक्रम के लिए बीच में शुल्क नहीं बढ़ाया जा सकेगा।
#5
कोचिंग संस्थानों में इन सुविधाओं का होना है अनिवार्य
कोचिंग संस्थानों को प्रत्येक कक्षा में प्रति छात्र न्यूनतम 1 वर्ग मीटर की जगह आवंटित करनी होगी।
संस्थानों को भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा, विद्युतीकरण, वेंटिलेशन, प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं रखनी होंगी।
संस्थानों में CCTV कैमरे लगाए जाने अनिवार्य होंगे। इसके अलावा मेडिकल किट और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
संस्थानों को आपातकालीन सेवाओं के लिए हेल्पलाइन नंबरों की सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
#6
मूल्यांकन परीक्षा के परिणाम को रखना होगा गोपनीय
साप्ताहिक अवकाश के ठीक अगले दिन किसी मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। कोचिंग संस्थानों को परीक्षण के परिणाम को भी गोपनीय रखना होगा।
इसका उपयोग केवल छात्रों के प्रदर्शन के नियमित विश्लेषण के लिए किया जा सकेगा। छात्र का शैक्षणिक प्रदर्शन खराब होने पर उसे आवश्यक सुझाव देने पर जोर दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण और लोकप्रिय त्योहारों के दौरान छात्रों और शिक्षकों को छुट्टियां दिया जाना अनिवार्य किया गया है।
#7
नियमों के उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना
सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों की जांच करेंगे।
अगर किसी कोचिंग संस्थान द्वारा पंजीकरण या सामान्य आवश्कताओं के संंबंध में किसी भी नियम का उल्लंघन किया जाता है तो उस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
अगर संस्थान दूसरी बार भी नियमों की अनदेखी करता है तो 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
इसी तरह बार-बार अनियमितता बरतने वाले संस्थानों का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।