
स्वतंत्रता दिवस: आजादी के लिए लड़े गए थे ये आंदोलन, परीक्षा के लिहाज से हैं महत्वपूर्ण
क्या है खबर?
आज भारत अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त, 1947 के दिन ही भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम लागू हुआ था।
देश को आजादी दिलाने में लाखों भारतीय सैनानियों ने अपना बलिदान दिया था। आज उनके बलिदान को याद किया जाता है।
स्वतंत्रता दिवस और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े तथ्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
आइए आजादी के लिए लड़े गए प्रमुख आंदोलनों के बारे में जानते हैं।
स्वतंत्रता
भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम था 1857 का आंदोलन
19वीं सदी के अंत में भारतीय राष्ट्रवाद ने आकार लेना शुरू किया था। सन 1857 से लेकर 1947 के बीच भारतीयों ने कई सारे आंदोलन लड़े।
इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण 1857 का विद्रोह है। इसे सिपाही विद्रोह और भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के नाम से जाना जाता है।
इसकी शुरुआत मेरठ से हुई थी जो दिल्ली, आगरा, कानपुर और लखनऊ तक फैल गया था।
इसके बाद भारत से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया था।
1857
1857 के बाद हुए ये आंदोलन
1857 के बाद भी कई आंदोलन हुए। 1905 में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल विभाजन किया तो स्वदेशी आंदोलन चलाया गया था।
1916 में बाल गंगाधर तिलक और ऐनी बेसेंट ने होम रूल आंदोलन चलाया था।
इसके बाद 1917 में महात्मा गांधी द्वारा भारत में पहला अहिंसक विरोध चंपारण सत्याग्रह किया गया था।
1918 में गांधी ने अहमदाबाद मिल की हड़ताल में पहली बार भूख हड़ताल की।
1919 में रौलट सत्याग्रह हुआ। इसके परिणाम स्वरूप जलियांवाला बाग हत्याकांड घटित हुआ।
पहला
महात्मा गांधी के नेतृत्व में पहला जन आंदोलन था असहयोग आंदोलन
जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद सन 1920 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में पहला जन आंदोलन चला। इसे खिलाफत आंदोलन कहा जाता है।
फरवरी, 1922 में गोरखपुर में हुए चौरी-चौरा कांड के बाद महात्मा गांधी ने आंदोलन को वापस ले लिया था।
सन 1930 में नमक कानून को तोड़ने के लिए सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत हुई।
इसी दौरान गांधी ने 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी शहर तक दांडी मार्च निकाला था।
1942
1942 में चला था भारत छोड़ो आंदोलन
मार्च 1942 को भारत में क्रिप्स मिशन आया था। इसके विरोध में 8-9 अगस्त सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
ये भारत का सबसे बड़ा अहिंसक आंदोलन था। इसे अगस्त आंदोलन या अगस्त क्रांति के नाम से जाना जाता है।
इस आंदोलन में भारत छोड़ो का नारा दिया गया था। इसी आंदोलन में गांधी ने करो या मरो का नारा दिया था।
इसमें पूर्ण स्वतंत्रता की मांग को शीर्ष पर रखा गया था।
स्वतंत्रता संग्राम अधिनियम
18 जुलाई 1947 को स्वीकृत हुआ था भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ब्रिटिश संस्थान का अधिनियम था जिसने भारत और पाकिस्तान को 2 स्वतंत्र प्रभुत्वों में विभाजित कर दिया गया।
इस कानून का मसौदा क्लेमेंट एटली की लेबर सरकार द्वारा तैयार किया गया था।
ये अधिनियम माउंटबेटन योजना/3 जून योजना पर आधारित था।
इसके बाद 14 अगस्त को पाकिस्तान और 15 अगस्त को भारत स्वतंत्र हुआ।
अधिनियम के तहत, मुहम्मद अली जिन्ना को पाकिस्तान का गवर्नर और लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का गवर्नर बनाया गया था।