
93 साल के इस व्यक्ति ने IGNOU से प्राप्त की मास्टर डिग्री, बनाया रिकॉर्ड
क्या है खबर?
कोई भी अपनी लगन और दृढ़ संकल्प से कुछ भी प्राप्त कर सकता है और पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती, इस कहावत को एक व्यक्ति ने सच कर दिखाया है।
हम बात कर रहे हैं 93 साल के उस व्यक्ति की, जिन्होंने हाल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर की डिग्री प्राप्त की है।
ऐसा करके वे IGNOU से डिग्री प्राप्त करने वाले सबसे वृद्ध व्यक्ति बन गए हैं।
आइए जानें पूरी खबर।
जानकारी
'90 वर्षीय युवा' का मिला टाइटल
बीते सोमवार यानी 17 फरवरी को IGNOU दीक्षांत समारोह में 93 साल के सीआई सिवासुब्रमन्यन ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर की डिग्री प्राप्त की है।
ऐसा करके वे IGNOU से डिग्री प्राप्त करने वाले सबसे वृद्ध व्यक्ति बन गए हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने उनकी इस उपलब्धि की प्रशंसा भी की और उन्हें '90 वर्षीय युवा' कहा।
उनकी इस उपलब्धि से कई लोगों को प्रेरणा मिलेगी।
बयान
पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई
सिवासुब्रमन्यन का कहना है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों ने उन्हें पढ़ाई के प्रति उनके जुनून को पूरा करने से रोक दिया था, लेकिन 87 साल की उम्र में उन्हें फिर से ये अवसर मिला। इस अवसर को उन्होंने नहीं छोड़ा और अपनी पढ़ाई पूरी की।
बयान
कॉलेज जाने का नहीं मिला था मौका
PTI से बातचीत में सिवासुब्रमन्यन ने बताया कि 1940 में अपना स्कूल खत्म करने के बाद वे कॉलेज जाना चाहते थे, लेकिन इसके लिए उन्हें त्रिची या चेन्नई में शिफ्ट होना था।
इसी बीच उनके माता-पिता बीमार पड़ गए और उनके रिश्तेदारों ने उन्हें कॉलेज न जाने की सलाह दी, क्योंकि उन्हें ही उनकी देखभाल करनी थी।
बाद में उनका परिवार दिल्ली में शिफ्ट हो गया और उन्हें वाणिज्य मंत्रालय में क्लर्क की नौकरी मिल गई।
सपना
ग्रेजुएट नहीं होने के कारण संयुक्त राष्ट्र नहीं जा पाए
सिवासुब्रमन्यन 1986 में 58 साल की उम्र में मंत्रालय से निदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हुए, लेकिन अभी भी उनका ग्रेजुएट होने का सपना अधुरा ही था।
इस दौरान उन्हें संयुक्त राष्ट्र में एक कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर भी मिला, लेकिन ग्रेजुएट नहीं होने के कारण वे नहीं जा पाए।
मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में कोर्स करने के बारे में पूछताछ भी की, लेकिन तब तक उनका तबादला हो गया।
यहां से आया आईडिया
फिजियोथेरेपिस्ट ने बताया IGNOU के बारे में
सिवासुब्रमन्यन बताते हैं कि उनके कुछ पोतों की शादी भी हो गई है। उनकी एक पोती अमेरिका में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।
उनका कहना है कि उनकी पत्नी काफी बीमार थीं और बिस्तर पर ही रहती थीं। उनकी अब मौत हो चुकी है।
उनके लिए फिजियोथेरेपिस्ट आती थी। एक दिन फिजियोथेरेपिस्ट ने जल्दी निकलने के लिए पूछा, क्योंकि उसे आवेदन करने के लिए IGNOU जाना था। तब उन्हें IGNOU के बारे में पता चला।
दिनचर्या
सुबह पांच बजे उठकर करते थे पढ़ाई
IGNOU के बारे में जानकारी लेने के बाद उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। उसके बाद मास्टर्स डिग्री के लिए दाखिला लिया।
पिछले छह वर्षों में अपनी दिनचर्या के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे सुबह 5 बजे उठ जाते थे और पढ़ाई करते थे। उन्हें स्पोर्ट्स देखना काफी पसंद है।
बढ़ती उम्र के साथ उनकी हेंड-राइंटिंग भी खराब होती गई, जिस कारण उनकी बेटी उनके असाइनमेंट लिखती थी।
जानकारी
करना चाहते थे MPhil, लेकिन बेटी ने किया मना
सिवासुब्रमन्यन ने बताया कि वे अब MPhil करना चाहते हैं, लेकिन उनकी बेटी ने कहा कि MPhil में कुछ ही सीटें हैं और यदि आप इसके लिए नामांकन करते हैं तो आप एक योग्य उम्मीदवार की सीट छीन लेंगे। इसलिए वे MPhil नहीं करेंगे।