
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले लोग भूलकर भी न करें ये गलतियां
क्या है खबर?
क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अकाउंट से पैसा तुरंत डेबिट नहीं होता। इसी कारण देश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, देश में पांच करोड़ से ज्यादा लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस्तेमाल बढ़ रहा है तो निश्चित ही गलती की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो भूलकर भी ये गलतियां न करें।
#1
भूलकर भी न निकालें कैश
क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना बहुत महंगा है।
निकाली गई रकम पर 2.5 प्रतिशत चार्ज लगता है और एडवांस फीस मिनिमम 250 रुपए से लेकर 500 रुपए तक हो सकती है।
इसके अलावा दो से चार प्रतिशत प्रति माह की दर से ब्याज भी देना पड़ता है।
जिस दिन आप कैश निकालेंगे उसी दिन से ब्याज जुड़ने लगेगा।
इमरजेंसी में पैसे निकालने पड़ें तो बार-बार नहीं निकाले क्योंकि आपको हर बार विदड्रॉल चार्ज देना पड़ेगा।
#2
क्रेडिट लिमिट खत्म नहीं करनी चाहिए
पैसा खर्च करने के लिए कंपनियां अपने ग्राहक को क्रेडिट कार्ड की एक लिमिट देती हैं, जिसे पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है।
एक साथ बड़ी रकम खर्च करने वालों को बैंक वित्तीय रूप से कमजोर मानता है क्योंकि बैंक डिफॉल्ट करने की संभावनाओं को भांप लेता है।
सिर्फ एक कार्ड रखने की जगह दो-तीन कार्ड रखें। इससे मोटे खर्चे को बांटने में आसानी होगी।
#3
रिवॉर्ड पॉइंट्स बढ़ाने के लिए ज्यादा खर्च न करें
क्रेडिट कार्ड कंपनी आपसे ज्यादा खर्च कराने के लिए कई तरह के ऑफर लाती हैं, खासकर रिवॉर्ड प्वाइंट का लालच तो हर किसी को दिया जाता है।
लेकिन इन प्वाइंट्स को कमाने के लिए अधिक खर्च न करें और बजट के मुताबिक जरूरी खर्चों के लिए ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें।
हर साल-दो साल में रिवॉर्ड प्वाइंट्स का इस्तेमाल करें।
अगर आपकी क्रेडिट कार्ड कंपनी अनुमति देती है तो आप इनका इस्तेमाल बिल पेमेंट में भी कर सकते हैं।
#4
मिनिमम पेमेंट नहीं करनी चाहिए
क्रेडिट कार्ड के बिल का जब रीपेमेंट किया जाता है तो मिनिमम पेमेंट का भी ऑप्शन होता है।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट ये सलाह देते हैं कि हमेशा फुल पेमेंट, वह भी समय पर करनी चाहिए।
अगर आप मिनिमम पेमेंट करते हैं तो 50 दिनों के इंट्रेस्ट फ्री पीरियड का भी लाभ नहीं मिलेगा और ट्रांजैक्शन वाले दिन से ब्याज का कैलकुलेशन शुरू हो जाएगा।
इसके अलावा आपको प्रति महीने 30-40 प्रतिशत तक का ब्याज अलग से जमा करना होता है।