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यूक्रेन संकट: रूसी आक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच अपना दूतावास खाली करेगा अमेरिका
कीव स्थित अपना दूतावास खाली करेगा अमेरिका

यूक्रेन संकट: रूसी आक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच अपना दूतावास खाली करेगा अमेरिका

Feb 12, 2022
01:59 pm

क्या है खबर?

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिकी ने कीव स्थित अपने दूतावास को खाली करने की योजना बनाई है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि गृह विभाग जल्द ही ऐलान कर सकता है कि यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित दूतावास के सभी कर्मचारियों को तुरंत देश छोड़ना होगा। इससे पहले विभाग ने दूतावास में काम करने वाले कर्मचारियों को परिवारों को यूक्रेन से निकलने का आदेश दिया था। कर्मचारियों पर यह आदेश लागू नहीं हुआ था।

योजना

पोलैंड की सीमा के पास शिफ्ट किए जाएंगे कुछ राजनयिक

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि कुछ अमेरिकी राजनयिकों को कीव से निकालकर पोलैंड की सीमा से लगते यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से में शिफ्ट किया जा सकता है ताकि वहां अमेरिका की राजनयिक मौजूदगी बनी रहे। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश देते ही यूक्रेन पर रूस का आक्रमण शुरू हो सकता है। यूक्रेन सीमा पर रूसी सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

जानकारी

कब शुरू हो सकता है रूस का आक्रमण?

खुफिया इनपुट की जानकारी साझा किए बिना सुलिनवान ने कहा कि यह आक्रमण ओलंपिक के दौरान शुरू हो सकता है। हालांकि, ऐसे भी कयास हैं कि यह ओलंपिक के बाद होगा। बता दें, चीन में इन दिनों में विंटर ओलंपिक चल रहा है।

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बयान

बातचीत जारी रखने और आक्रमण का जवाब देने के लिए तैयार- अमेरिका

अमेरिका का कहना है कि वह सुरक्षा चिंताओं का हल निकालने के लिए कूटनीतिक प्रक्रिया का पालन जारी रखने और रूस की तरफ से सैन्य कार्रवाई होने पर सहयोगियों के साथ मिलकर इसका जवाब देने भी तैयार है। सुलिवान ने कहा, "हमारी प्रतिक्रिया में गंभीर आर्थिक प्रतिबंध शामिल होंगे और इसमें यूरोपीय संघ, इंग्लैंड, कनाडा और दूसरे देशों जैसी पाबंदियां लगाई जाएगी। इसके बाद NATO में भी बदलाव हो सकते हैं।"

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चेतावनी

अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की चेतावनी दे चुका है अमेरिका

इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकी नागरिकों को तुरंत यूक्रेन से निकलने को कहा था। एक इंटरव्यू के दौरान बाइडन ने कहा, "यह ऐसा नहीं है कि हम किसी आतंकी संगठन से मुकाबला कर रहे हैं। हम दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक के सामने हैं यह बहुत अलग स्थिति है और चीजें बहुत तेजी से बदल सकती हैं।" हालांकि, उन्होंने कहा था कि रूस अमेरिकी नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

यूक्रेन संकट

गृह विभाग भी जारी कर चुका है चेतावनी

बाइडन से पहले गुरुवार को गृह विभाग ने चेतावनी जारी की थी कि अगर रूस की सेना कोई कदम उठाती है तो अमेरिका अपने नागरिकों को नहीं निकाल सकेगा। इसकी वजह बताते हुए कहा गया कि ऐसी स्थिति में कॉन्सुलेट सेवा बुरी तरह प्रभावित होगी। अमेरिका का सैन्य और खुफिया अनुमान है कि रूस बड़े स्तर पर हमला कर सकता है और उसके टैंक 48 घंटों के भीतर यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंच सकते हैं।

यूक्रेन संकट

यूक्रेन को लेकर क्यों बना हुआ है विवाद?

यूक्रेन को लेकर तनाव के काई छोटे-छोटे कारण हैं, लेकिन इसकी मुख्य वजह यूक्रेन की पश्चिमी यूरोप और नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) से बढ़ती नजदीकियां हैं। दरअसल, यूक्रेन पश्चिमी यूरोप के करीब जा रहा है और NATO में शामिल होना चाहता है, जो शीत युद्ध के समय रूस के खिलाफ बना एक सैन्य गठबंधन है। रूस की चिंता है कि अगर यूक्रेन NATO में शामिल होता है तो NATO के सैन्य ठिकाने बिल्कुल उसकी सीमा के पास आ जाएंगे।

न्यूजबाइट्स प्लस

रूस क्या चाहता है?

रूस ने यूक्रेन की सीमा पर एक लाख सैनिक तैनात कर रखे हैं और पुतिन ने अमेरिका और पश्चिमी देशों से 'कानूनी गारंटी' मांगी है कि यूक्रेन को NATO में शामिल नहीं कराया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने पूर्वी यूरोप में NATO की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग भी की है। दूसरी तरफ अमेरिका ने रूस को चेताया है कि अगर उसने यूक्रेन पर आक्रमण किया तो उस पर गंभीर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

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