अरिजीत सिंह का संन्यास की घोषणा के बाद पहला धमाका, शेखर रवजियानी संग रिलीज किया 'रैना'
क्या है खबर?
सुरों के बादशाह अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की चौंकाने वाली घोषणा के बाद एक बड़ा धमाका किया है। उन्होंने मशहूर संगीतकार शेखर रवजियानी के साथ अपना नया स्वतंत्र ट्रैक 'रैना' रिलीज कर दिया है। फिल्मी गानों की दुनिया को अलविदा कहने के बाद अरिजीत का ये नया अवतार उनके प्रशंसकों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है, जो उनके संगीत के एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है।
शुरुआत
अरिजीत की नई पारी
दिग्गज संगीतकार शेखर रवजियानी के साथ मिलकर तैयार किया गया ये गाना अरिजीत के संगीत के एक नए और स्वतंत्र सफर की शुरुआत माना जा रहा है। अरिजीत ने खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए फैंस को इस नए गाने का अपडेट फैंस को दिया। फिल्मों से दूरी बनाने के फैसले के बाद 'रैना' उनका वो पहला गाना है, जो किसी फिल्म का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक स्वतंत्र कलाकृति है।
खुशी
'रैना' का ऐलान होते ही खुशी से झूम उठे फैंस
'रैना' के जरिए अरिजीत और शेखर रवजियानी की सुपरहिट जोड़ी एक बार फिर साथ आई है। इससे पहले 2023 में उनका स्वतंत्र गाना 'कसम से' जबरदस्त हिट रहा था। अरिजीत ने जैसे ही इंस्टाग्राम पर इस नए ट्रैक का ऐलान किया, कमेंट सेक्शन शुभकामनाओं और तारीफों से भर गया। फैंस इस बात से ही खुश हैं कि भले ही अरिजीत फिल्मों में न सुनाई दें, लेकिन वे स्वतंत्र संगीत के जरिए अपने श्रोताओं से जुड़े रहेंगे।
गाना
प्रिया सरैया के बोल और अरिजीत की आवाज
इस भावुक और रूहानी ट्रैक के बोल मशहूर गीतकार प्रिया सरैया ने लिखे हैं, जो अपनी गहराई के लिए जानी जाती हैं। इसे 'गरुड़ा म्यूजिक के बैनर तले रिलीज किया गया है। अरिजीत आखिरी बार विशाल भारद्वाज की शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म 'ओ रोमियो' के साउंडट्रैक से जुड़े थे, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। संन्यास के ऐलान से पहले अरिजीत ने कई गाने रिकॉर्ड किए थे, जो आने वाले समय में अलग-अलग फिल्मों के जरिए दर्शकों के सामने आएंगे।
ऐलान
अरिजीत की फिल्मों से दूरी, संगीत से नहीं
बता दें कि अरिजीत का संन्यास बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से था, 'संगीत' से नहीं। उनका मकसद अब केवल वही गाना है, जो उनकी आत्मा को सुकुन दे, जैसा कि उन्होंने हाल ही में शेखर रवजियानी के साथ 'रैना' रिलीज करके साबित भी कर दिया। उन्होंने महसूस किया कि फिल्मों के लिए गाते समय उन्हें अक्सर दूसरों (निर्देशक या संगीतकार) के विजन के अनुसार ढलना पड़ता है। अब वह अपनी शर्तों पर, अपनी पसंद का 'स्वतंत्र संगीत' बनाना चाहते हैं।