ईरान ने अमेरिका को नया युद्धविराम प्रस्ताव भेजा, ट्रंप बोले- नए हमले के लिए तैयार
क्या है खबर?
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की हार के बाद ईरान युद्ध को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। इस बीच ट्रंप ने ईरान को नई धमकी दी है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान में संभावित अभियान शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और अमेरिकी सेना पहले की तुलना में कहीं अधिक हथियार बना रही हैं। इस बीच, ईरान का एक नया युद्धविराम प्रस्ताव भी सामने आया है।
बयान
ट्रंप बोले- ईरान पर हमले के लिए पूरी तरह तैयार
ट्रंप ने कहा, "हम इस समय अपनी सेना में पहले से कहीं अधिक हथियार बना रहे हैं। अगर हमें ईरान के मामले में आगे की कार्रवाई करनी पड़ी, तो हम पूरी तरह से तैयार हैं। हम फैसला लेंगे। क्या हम और आगे बढ़कर इसे प्रमाणित करना चाहते हैं? प्रमाणित करने का मतलब होगा कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। मुझे लगता है कि उन्हें देश के पुनर्निर्माण में 25 साल लगेंगे।"
प्रस्ताव
ईरान ने कतर के जरिए नया प्रस्ताव भेजा
रॉयटर्स ने एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका को कतर के माध्यम से परमाणु प्रस्ताव भेजा है। इस पर अमेरिका द्वारा ईरान की 7 मांगों को पूरा करने के बाद ही चर्चा की जाएगी।
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने हाल ही में कहा था, "हमने अमेरिकियों के सामने 7 शर्तें रखी हैं। जब तक वे इन शर्तों को पूरा नहीं करते, हम न तो होर्मुज खोलेंगे और न बातचीत करेंगे।"
शर्तें
क्या हैं ईरान की 7 शर्तें?
ईरान की शर्तों की आधिकारिक सूची अभी तक सामने नहीं आई है।
हालांकि, खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान की मांगों में लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में युद्ध का अंत, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना, ईरान की जब्त संपत्तियों को जारी करना, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को कम करना, युद्ध से हुए नुकसाना का मुआवजा देना और ईरान पर अमेरिकी हमलों को खत्म करना शामिल है।
चुनाव
मध्यावधि चुनावों में हार के बाद अनिश्चितता
हाल ही में हुए मध्यावधि चुनावों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी हार गई है। इसके बाद ईरान युद्ध को लेकर अनिश्चितता है, क्योंकि संसद के दोनों सदनों में ट्रंप की पार्टी ने बहुमत खो दिया है। खबर तो ये भी है कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है।
ऐसे में डेमोक्रेटिक पार्टी ईरान युद्ध में हुए खर्च और फैसलों को लेकर सरकार पर हमलावर हो सकती है।