अमेरिकी चुनाव नतीजों से तेल बाजार में हलचल, ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर के नीचे पहुंचा
क्या है खबर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव 1.03 फीसदी टूटकर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड की कीमत 1.29 फीसदी गिरकर 86.98 डॉलर प्रति बैरल रह गई। इस सप्ताह अब तक दोनों प्रमुख मानकों के दाम करीब 16 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं। पिछले कारोबारी सत्र में भी कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी।
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डेमोक्रेट्स की जीत से बदला बाजार का रुख
मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत को तेल की कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में बढ़त हासिल की है। निवेशकों को लगता है कि इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के साथ जारी युद्ध खत्म करने का दबाव बढ़ सकता है।
ऐसे में सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है। इसी संभावना का असर तेल बाजार पर भी दिख रहा है।
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ईरान पर हमले की आशंका हुई कम
अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति ट्रंप के सैन्य फैसलों और युद्ध पर होने वाले खर्च को प्रभावित कर सकती है।
इससे ईरान के खिलाफ बड़े हमले की आशंका भी कम हुई है। अनुमान है कि बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की संभावना पहले से कम है।
ट्रंप ने भी कहा है कि अमेरिका की फिलहाल ईरान पर हमला करने की कोई योजना नहीं है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी युद्ध की लागत पर सवाल उठाए हैं।
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तेल की आपूर्ति बढ़ने से भी कीमतों में गिरावट
मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति में सुधार ने भी बाजार पर दबाव बनाया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंच गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी, इसकी गारंटी नहीं है। क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ सकता है।
इसके अलावा, बड़े तेल उपभोक्ता देशों के पास कच्चे तेल का भंडार भी काफी कम है।