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#NewsBytesExplainer: क्या होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवा पाएंगे डोनाल्ड ट्रंप? क्या-क्या हैं चुनौतियां?
डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कई देशों से आगे आने की अपील की है

#NewsBytesExplainer: क्या होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवा पाएंगे डोनाल्ड ट्रंप? क्या-क्या हैं चुनौतियां?

लेखन आबिद खान
Mar 15, 2026
03:06 pm

क्या है खबर?

ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। यहां से दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब इसकी सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से आगे आने की अपील की है। आइए समझते हैं इसे खुलवाना कितना चुनौतीपूर्ण है।

अपील

ट्रंप की चीन, जापान समेत कई देशों से अपील

ट्रंप ने कहा, 'कई देश, खासकर जो होर्मुज को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हैं, अमेरिका के साथ मिलकर इसे खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे। हमने ईरान की 100 प्रतिशत सैन्य क्षमता को नष्ट कर दिया है, लेकिन उनके लिए एक-दो ड्रोन भेजना, बारूदी सुरंग लगाना, या इस जलमार्ग के आसपास कहीं भी कम दूरी की मिसाइल दागना आसान है। उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन इस इलाके में अपने जहाज भेजेंगे।'

प्रतिक्रिया

ट्रंप की अपील पर क्या है देशों की प्रतिक्रिया?

ब्रिटेन ने कहा कि वो शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोगियों के साथ कई विकल्पों पर चर्चा कर रहा है। चीन ने कहा कि बिना किसी बाधा की ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है। दक्षिण कोरिया और जापान ने अभी तक ट्रंप की अपील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस खाड़ी क्षेत्र में युद्धपोत भेजने को तैयार है, लेकिन यह केवल बचाव अभियान होगा।

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ईरान

ईरान कैसे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को रोक रहा है?

ईरानी अधिकारियों का दावा है कि होर्मुज सभी के लिए खुला है, केवल अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगी देशों के जहाजों को छोड़कर। ईरान हमलों के लिए छोटी रिमोट-कंट्रोल्ड विस्फोटक नावों का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि रडार से बचा जा सके। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने सैन्य सुरक्षा बलों को रोकने के लिए अत्याधुनिक चुंबकीय और ध्वनि संवेदक मॉडल सहित नौसैनिक सुरंगों का जाल बिछाना शुरू कर दिया है।

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व्यापार

वैश्विक व्यापार को बाधित करना ईरान की बड़ी रणनीति

ईरान होर्मुज में हमले कर जहाजों को नुकसान पहुंचाने से ज्यादा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चोट करने का इरादा रख रहा है। ज्यादा प्रमुख बीमा कंपनियों ने यहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए युद्ध-जोखिम बीमा पॉलिसियां रद्द कर दी हैं। इस वजह से कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गए हैं, भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

चुनौतियां

हार्मुज को खुलवाना कितनी बड़ी चुनौती?

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, होर्मुज खुलवाने के लिए गश्त करते हुए कम से कम एक दर्जन MQ-9 रीपर ड्रोन की जरूरत होगी, ताकि मिसाइल और ड्रोन को निष्क्रिय किया जा सके। ईरानी नौकाओं को रोकने और हर 5-10 टैंकरों के काफिले की सुरक्षा के लिए लगभग एक दर्जन जहाजों की आवश्यकता हो सकती है। जमीनी कार्रवाई का भी विकल्प है, लेकिन ये ज्यादा जोखिम भरा और समय बर्बाद करने वाला होगा।

विशेषज्ञ

क्या ट्रंप के लिए परेशानी का सबब बन गया है होर्मुज?

भू-राजनीतिक मामलों के जानकार शनाका अंसलेम परेरा ने लिखा, 'ईरान ने फुजैरा टर्मिनस पर हमला कर ये बता दिया है कि होर्मुज के वैकल्पिक रास्ते भी सुरक्षित नहीं हैं। फुजैरा सिर्फ बंदरगाह नहीं है, यह हबशन-फुजैरा पाइपलाइन का आखिरी टर्मिनस है, जो UAE के लिए होर्मुज को बाइपास करने का एकमात्र रास्ता है। ईरान ने अब इसी वैकल्पिक रास्ते को निशाना बनाया है। ईरान ने दिखाया है कि सिर्फ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाइपास रास्ता भी उसकी रेंज में है।'

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