
ओडिशा: पत्नी की इजाजत से पति ने ट्रांसजेंडर से की दूसरी शादी, एक साथ रहेंगे
क्या है खबर?
ओडिशा के कालाहांडी जिले के नरला प्रखंड के धुरकुटी गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यहां पहले से शादीशुदा शख्स ने एक ट्रांसजेंडर के साथ शादी कर ली। दोनों के बीच पिछले एक साल से अफेयर चल रहा था।
अफेयर के बारे में जब पत्नी को मालूम चला तो उसने खुशी-खुशी पति को शादी की मंंजूरी दे दी। इसके साथ ही वह नवविवाहित जोड़े के साथ एक ही घर में रहने के लिए भी तैयार हो गई।
मामला
दो साल का बेटा होने के बावजूद पत्नी ने पति को दूसरी शादी की इजाजत दी
फकीर (32) नामक शख्स का पिछले एक साल से ट्रांसजेंडर संगीता के साथ अफेयर चल रहा था।
अफेयर के बारे में जब उसकी पहली पत्नी को मालूम चला तो वो पति की दूसरी शादी के लिए तैयार हो गई। इतना ही नहीं, पत्नी नवविवाहित जोड़े के साथ एक ही घर में रहने के लिए भी राजी हो गई।
बता दें कि शख्स की पहली शादी को पांच साल हो चुके हैं और उसका दो साल का एक बेटा भी है।
शादी
हिंदू रीति-रिवाजों से हुई ट्रांसजेंडर की शादी
पहली पत्नी का कहना है कि उनके लिए पति की खुशी सबसे ज्यादा मायने रखती है, इसलिए उन्हें इस शादी से कोई आपत्ति नहीं है।
इजाजत के बाद फकीर ने रविवार को नरला स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों से अपनी ट्रांसजेंडर पार्टनर संगीता के साथ शादी की।
इस दौरान पहली पत्नी और ट्रांसजेंडर समुदाय के कुछ सदस्य भी मौजूद रहे।
सेबकारी किन्नर महासंघ की अध्यक्ष कामिनी ने संगीता का कन्यादान लिया और दोनों को आशीर्वाद दिया।
बयान
मामले में ट्रांसजेंडर समुदाय और पुलिस ने क्या कहा?
कामिनी ने कहा, "शादी का फैसला उनका निजी था और पहली पत्नी ने भी सहमति दे दी थी, इस वजह से शादी शांतिपूर्ण रही। शादी की लिखित रूप से सूचना देने हम थाने भी गए थे, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं कहा।"
वहीं नरला थाने के प्रभारी निरीक्षक गंगाधर मेहर ने मामले में कहा, "शादी में पहली पत्नी की सहमति थी, इसलिए हमने कुछ नहीं कहा। अगर हमें इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है तो हम कार्रवाई करेंगे।"
कानून
ऐसी शादी पर कानून क्या कहता है?
कानूनी रूप से पहली पत्नी से तलाक लिए बिना कोई हिंदू शख्स दूसरा विवाह नहीं कर सकता।
ओडिशा हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील त्रिलोचन नंदा ने बताया कि जब तक पहली शादी कानूनी रूप से खत्म नहीं होती, तब तक दूसरी शादी को मान्यता नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा, "इस तरह के रिश्तों को एक्स्ट्रा-मैरिटल या लिव-इन कहा जाता है, फिर चाहें वो दोनों पति-पत्नी की तरह ही क्यों न रह रहें हो। इसे शादी नहीं कहा जा सकता।"
अन्य मामला
न्यूजबाइट्स प्लस
हाल ही में 31 अगस्त को तमिलनाडु में एक भारतीय लड़की सुभिक्षा सुब्रमणि ने बांग्लादेशी लड़की टीना दास के साथ समलैंगिक शादी की थी। उनकी शादी तमिल रीति-रिवाजों से परिवार की सहमति के साथ हुई। ये सब उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था।
दोनों लड़कियां कनाडा में एक डेटिंग ऐप के जरिए मिली थीं। करीब छह साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद उन्होंने शादी कर ली।