
बॉक्सिंग डे टेस्ट: भारत ने पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को 195 रनों पर समेटा
क्या है खबर?
मेलबर्न में खेले जा रहे बॉक्सिंग डे टेस्ट के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 195 रनों पर ही सिमट गई।
भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों से कठिन सवाल पूछे।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मार्नस लाबुशेन ने सर्वाधिक 48 रन बनाए, दूसरी तरफ जसप्रीत बुमराह ने सर्वाधिक चार विकेट हासिल किए।
टेस्ट डेब्यू करने वाले मोहम्मद सिराज ने भी दो विकेट झटके।
आइए अब तक के खेल पर एक नजर डालते हैं।
शुरुआत
शुरुआत से ही दबाव में दिखी ऑस्ट्रेलियाई टीम
बुमराह ने नई गेंद से सलामी बल्लेबाज जो बर्न्स (0) को 10 के टीम स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद टीम ने वेड (30) और स्टीव स्मिथ (0) के विकेट भी जल्द ही खो दिए। दोनों बल्लेबाजों को आर अश्विन ने आउट किया।
स्टीव स्मिथ 2016 के बाद टेस्ट में बिना खाता खोले आउट हुए और पहली बार भारत के खिलाफ शून्य पर आउट हुए।
ऑस्ट्रेलिया ने लंच तक 65 के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे।
साझेदारी
हेड और लाबुशेन ने टीम को संभाला
लाबुशेन ने ट्रेविस हेड के साथ मिलकर के चौथे विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी की थी। दोनों ने मिलकर संकट में नजर आ रही ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 100 के पार पहुंचाया।
अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हेड 38 रन बनाकर बुमराह का शिकार बने। वह 124 के स्कोर पर चौथे विकेट के रूप में आउट हुए।
डेब्यू कर रहे सिराज का पहला विकेट लाबुशेन रहे, जो 48 रन बनाकर 135 के टीम स्कोर पर आउट हुए।
विकेट
ऑस्ट्रेलिया ने 61 रन बनाकर गंवाए अपने अंतिम पांच विकेट
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम पांच विकेटों ने सिर्फ 61 जोड़े और पूरी टीम 195 रनों पर ही सिमट गई। इस बीच पहले एडिलेड टेस्ट में अर्धशतकीय पारी खेलने वाले कप्तान पेन सिर्फ 13 रन ही बना सके।
ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन ने 13 रनों का योगदान दिया। उन्हें सिराज ने LBW आउट किया।
निचले क्रम में नाथन लियोन ने टीम के लिए उपयोगी 20 रनों का योगदान दिया।
आर अश्विन ने तीन जबकि जडेजा ने एक विकेट लिया।
रिकार्ड्स
पारी में बने ये अन्य रिकार्ड्स
ऑस्ट्रेलिया की अपनी पहली पारी में सिर्फ 195 रन ही बना सकी। साल 2000 के बाद से यह मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का पहली पारी में, दूसरा सबसे कम स्कोर है।
इससे पहले 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया 98 रन ही बना सकी थी।
अश्विन ने 35 रन देकर तीन विकेट लिए। वह ऑस्ट्रेलिया में सर्वाधिक बार (8) तीन विकेट हासिल करने वाले भारतीय स्पिनर बने। उन्होंने इस सूची में अनिल कुंबले (7) को पीछे छोड़ा।