
NASA ने चांद की सतह पर खोजा पानी, इंसानी अभियानों में मिलेगी मदद
क्या है खबर?
चांद पर पानी की तलाश में जुटी अमेेरिकी स्पेस एजेंसी NASA को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
ऐसे संकेत पहले से ही मौजूद थे कि चांद पर पानी मौजूद है, लेकिन ताजा खोज में पता चला है कि यह सिर्फ उन इलाकों तक सीमित नहीं है, जहां अंधेरा रहता है।
वैज्ञानिकों ने अब उन जगहों पर पानी की तलाश कर ली है, जहां सूरज की किरणें पड़ती हैं। उन्होंने चांद के दक्षिणी गोलार्ध में पानी खोज निकाला है।
शुुरुआत
दशकों तक चांद को समझा जाता था सूखा
दशकों तक चांद को पूरी तरह सूखा समझा जाता था। 90 के दशक में एक ऑर्बिटिंग स्पेसक्राफ्ट ने चांद के उन इलाकों में बर्फ की मौजूदगी का पता लगाया, जहां पहुंचना काफी मुश्किल है।
उसके बाद 2009 में चंद्रयान-1 स्पेसक्राफ्ट ने ऐसे संकेत रिकॉर्ड किए, जिससे पता चला कि चांद पर पानी के तत्व मौजूद हैं।
हालांकि, उस समय यह पता नहीं चला था कि ये पानी (H2O) है या हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के एक-एक अणु वाला हाइड्रोक्सिल है।
खोज
सोफिया ने खोजे पानी के अणु
NASA की स्ट्रेटोस्फियर ऑब्जरवेटरी फॉर इंफ्रारेड एस्ट्रोनॉमी (सोफिया) ने अब चांद की सतह पर पानी के अणु खोजे हैं। इसे एजेंसी के लिए एक शानदार कामयाबी माना जा रहा है।
सोफिया ने चंद्रमा के दक्षिणी गोलार्ध में स्थित पृथ्वी से दिखाई देने वाले सबसे बड़े गड्ढों में से एक क्लेवियस क्रेटर में पानी के अणुओं (H2O) का पता लगाया है।
इनका इस्तेमाल पीने और रॉकेट ईंधन उत्पादन के लिए भी किया जा सकेगा।
खोज का फायदा
NASA को इंसानी बस्ती बसाने में मिलेगी मदद
चांद पर पानी की खोज करने वाली टीम की अगुआई कर रहीं केसी होनिबल ने बताया कि सोफिया ने पानी के अणुओं का पता लगाया है। यह बर्फ के रूप में नहीं है। ये अणु एक-दूसरे से इतनी दूर है कि बर्फ या द्रव्य अवस्था में नहीं आ पाते।
इस खोज से NASA की चांद पर मानव बस्ती बसाने की योजना में मदद मिलेगी। NASA का लक्ष्य 2024 तक चांद पर इंसानी बस्ती बसाना है।
बयान
इंसानी अभियानों के लिए इस्तेमाल हो सकता है पानी
इस खोज के फायदों के बारे में बताते हुए होनिबल ने कहा कि अगर कुछ जगहों पर पर्याप्त मात्रा में पानी पाया जाता है तो इसे इंसानी अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे पीने के पानी, सांस लेने के लिए ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन के तौर पर उपयोग में लिया जा सकता है।
NASA के एक और विशेषज्ञ जिम ब्रेडेंस्टाइन कहते हैं कि यह खोज एजेंसी की हिम्मत बढ़ाने का काम करेगी।
चांद पर पानी
पहले के अनुमान से 20 फीसदी ज्यादा पानी
नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, चांद की सतह पर जितने पानी की खोज हुई है, वह अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान पर मौजूद पानी की तुलना में 100 गुना कम है।
फिर भी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पहले के अनुमानों की तुलना में 20 फीसदी अधिक है।
इन सबके बीच चांद पर पानी का स्रोत अब भी रहस्य बना हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बड़ा प्रश्न है कि चांद पर पानी कहां से आया?