
गूगल क्रोम, सफारी और फायरफॉक्स यूजर्स तुरंत बदलें अपने ब्राउजर की ये सेटिंग्स
क्या है खबर?
इंटरनेस ऐक्सेस करने के लिए ज्यादातर यूजर्स गूगल क्रोम, सफारी और मोजिला फायरफॉक्स जैसे ब्राउजर्स का इस्तेमाल करते हैं।
ये ब्राउजर्स इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को अब जरूरी सेटिंग्स में बदलाव करने की सलाह दी गई है।
अगर आप खुद को ऑनलाइन खतरों से बचाना चाहते हैं तो प्राइवेसी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
ब्राउजर की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर आपको कुछ जरूरी बदलाव करने चाहिए या फिर आप एक्सटेंशंस की मदद ले सकते हैं।
रिपोर्ट
ब्राउजर्स में मिलते हैं एक्सट्रा प्राइवेसी फीचर्स
गूगल क्रोम या मोजिला फायरफॉक्स जैसे ब्राउजर्स इस्तेमाल करने वालों के लिए प्राइवेसी कंट्रोल्स बेहद जरूरी हैं।
ये ब्राउजर सुरक्षित अनुभव देने के लिए ऐड इंडस्ट्री से टक्कर भले ना लें लेकिन नए अपडेट्स में कई फीचर्स को इनका हिस्सा बनाया गया है, जिनसे बेहतर प्राइवेसी मिल सकती है।
CNET की रिपोर्ट में कहा गया है कि अपने ब्राउजर को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखने के अलावा आपको प्राइवेसी सेटिंग्स बदलनी चाहिए।
क्रोम
गूगल क्रोम में प्राइवेसी एक्सटेंशंस करें इंस्टॉल
अगर आप गूगल क्रोम यूजर हैं तो बता दें कि इसे सबसे कम प्राइवेट ब्राउजर्स में से एक माना जाता है।
क्रोम फ्लेक्सिबल और ओपेन-सोर्स ब्राउजर है, यानी कि गूगल ने इंडिपेंडेंट डिवेलपर्स को प्राइवेसी-फोक्स्ड अनुभव देने की अनुमति दे रखी है।
अगर आप क्रोम में बेहतर प्राइवेसी चाहते हैं तो क्रोम वेब स्टोर पर जाकर ऐसे एक्सटेंशंस डाउनलोड कर सकते हैं।
इन एक्सटेंशंस के साथ आपको अलग-अलग प्राइवेसी फंक्शंस मिल सकते हैं।
सफारी
सफारी ब्राउजर में मिलता है ट्रैकिंग प्रिवेंशन टूल
ऐपल यूजर्स को मिलने वाला सफारी ब्राउजर एक सुरक्षित विकल्प है क्योकि इसमें बिल्ट-इन इंटेलिजेंट ट्रैकिंग प्रिवेंशन टूल मिलता है।
सफारी ब्राउजर पर यूजर्स को 30 दिन की रिपोर्ट मिल जाती है, जिनमें बताया जाता है कि उनकी ओर से विजिट की जा रहीं वेबसाइट्स पर कौन से ऐड ट्रैकर्स रन कर रहे हैं।
आप ब्राउजर के प्रिफरेंसेज और प्राइवेसी सेक्शन में जाकर ट्रैकर्स ब्लॉक कर सकते हैं और वेबसाइट कुकीज भी डिलीट कर सकते हैं।
फायरफॉक्स
गूगल क्रोम के मुकाबले बेहतर सुरक्षा
मोजिला फायरफॉक्स यूजर्स को गूगल क्रोम के मुकाबले बेहतर प्राइवेसी प्रोटेक्शन मिलता है।
इसके बावजूद वे स्टैंडर्ड, स्ट्रिक्ट और कस्टम ब्राउजिंग मोड्स में से चुन सकते हैं।
इसके लिए आपको टॉप राइट में दिख रही टूलबार से प्रिफरेंसेज और प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी में जाना होगा।
स्ट्रिक्ट मोड में ब्राउजिंग करने पर मोजिला फायरफॉक्स यूजर्स को सबसे कम ट्रैकिंग देखने को मिलती है लेकिन उन्हें दिखने वाले ज्यादातर ऐड्स पर्सनलाइज्ड नहीं रह जाते।
सवाल
यूजर्स को ट्रैक क्यों करती हैं वेबसाइट्स?
इंटरनेट ब्राउजर्स पर यूजर्स को ट्रैक करने की वजह उन्हें दिखने वाले ऐड्स से जुड़ी है।
वेबसाइट्स की कमाई का बड़ा जरिया उनपर दिखाए जाने वाले ऐड होते हैं और वेबसाइट्स चाहती हैं कि यूजर्स को दिखने वाले ऐड्स पर्सनलाइज्ड हों।
यूजर्स की पसंद, नापसंद पता करने के लिए उन्हें ट्रैक किया जाता है और उनकी पसंद से जुड़े ऐड दिखाए जाते हैं।
ट्रैकिंग के बिना भी यूजर्स को ऐड दिखाए जाएंगे लेकिन वे उसकी पसंद से जुड़े नहीं होंगे।