जन्मदिन विशेष: अनिल कपूर 67 साल की उम्र में भी फिट, जानिए उनकी डाइट और वर्कआउट
क्या है खबर?
अनिल कपूर ने फिल्म 'हमारे तुम्हारे' के साथ अपने बॉलीवुड के सफर की शुरुआत की थी और इसके बाद वह कई फिल्मों में दमदार रोल निभा चुके हैं।
अब अनिल 67 साल के हो चुके हैं, लेकिन अभिनय के साथ-साथ उनकी फिटनेस में जरा भी अंतर नहीं आया है और इसका अंदाजा हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'एनिमल' में उन्हें देखकर लगाया जा सकता है।
आइए आज उनके जन्मदिन (24 दिसंबर) पर उनकी फिटनेस का राज जानते हैं।
एक्सरसाइज
स्प्रिंटिंग को फायदेमंद मानते हैं अनिल
फिल्म 'नायक: द रियल हीरो' के अभिनेता अनिल मानते हैं कि फिट रहने के लिए वॉकिंग जरूरी है।
इसके लिए वह स्प्रिंटिंग करना ज्यादा पसंद करते हैं। बता दें कि यह एक्सरसाइज हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) का हिस्सा है।
इससे मेटाबॉलिज्म का स्तर तेज रखने और मांसपेशियों को मजबूती मिलने के साथ-साथ अन्य कई लाभ मिल सकते हैं।
अक्सर अनिल अपने इंस्टाग्राम पर स्प्रिंटिंग से जुड़ी वीडियोज भी साझा करते हैं।
वर्कआउट
एक भी दिन एक्सरसाइज करना नहीं छोड़ते अनिल
अनिल एक सख्त फिटनेस फ्रीक इंसान हैं और इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह हर दिन एक्सरसाइज करते हैं, फिर चाहें वह फिल्म की शूटिंग में कितना भी व्यस्त क्यों न हों।
वह हफ्ते में 3 दिन जिम जाते हैं और वहां 2 से 3 घंटे तक वर्कआउट करते हैं, जबकि बाकी दिनों में वह कैलोरी बर्न करने के लिए आउटडोर कार्डियो सेशन और योग करना पसंद करते हैं।
डाइट
अनिल का डाइट प्लान
अनिल दिन में 1 या 2 बार पूरा खाना खाने की बजाय 4 से 6 बार कुछ न कुछ खाना पसंद करते हैं। उनकी डाइट प्रोटीन, कार्ब्स और हेल्दी फैट से भरपूर होती है।
प्रोटीन के लिए वह मछली, अंडे, चिकन, प्रोटीन शेक और दाल का सेवन करना पसंद करते हैं, जबकि कार्ब्स के तौर पर उनकी डाइट में केले, ब्रोकली, ओट्स, ब्राउन राइस और बेरीज शामिल हैं।
हेल्दी फैट के लिए वह सूखे मेवे, अनाज और मिल्कशेक पीते हैं।
आदतें
स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी समझते हैं अनिल
फिल्म 'दिल धड़कने दो' में काम कर चुके अनिल के मुताबिक, पर्याप्त नींद लेना स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए वह सुनिश्चित करते हैं कि हर दिन 7 से 8 घंटे सोएं।
इसके अलावा वह धूम्रपान और शराब से भी परहेज करते हैं।
छुट्टियां मनाने या शूटिंग के दौरान भी वह अपने फिटनेस नियमों को नहीं तोड़ते हैं और बाहरी चीजों के सेवन से भी परहेज करते हैं।