
अतीक अहमद हत्याकांड से संबंधित याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। इस याचिका पर सुनवाई 24 अप्रैल को की जाएगी।
याचिका में अतीक और अशरफ हत्याकांड की जांच रिटायर्ड न्यायाधीशों की निगरानी में करवाने की मांग की गई है। इसके साथ ही याचिका में साल 2017 से उत्तर प्रदेश में अब तक हुए एनकाउंटरों की जांच की भी अपील की गई है।
याचिका
कोर्ट में किसने दायर की है याचिका?
सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी की ओर से यह याचिका दायर की गई है, जिसमें अतीक और अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए एक पैनल गठित करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही इस याचिका में साल 2020 के विकास दुबे मुठभेड़ मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की गई है।
हालांकि, इससे पहले अतीक की सुरक्षा में चूक को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया था।
याचिका
याचिका में क्या कहा गया है?
इस याचिका में अन्य एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा गया है, "उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए एक गंभीर खतरा है, जो राज्य को 'पुलिसिया राज' की ओर ले जा रही हैं।"
याचिका में कहा गया है कि एक लोकतांत्रिक समाज में पुलिस को अंतिम न्याय देने या दंड देने वाली संस्था बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है और दंड की शक्ति केवल न्यायपालिका में निहित है।
जानकारी
उत्तर प्रदेश में 6 साल में हुए 183 एनकाउंटर
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, राज्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 6 साल के शासन में असद और उसके सहयोगी सहित 183 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए हैं। इन्हीं एनकाउंटर की जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है।
हत्या
पुलिस हिरासत में हुई थी अतीक और अशरफ की हत्या
15 अप्रैल को देर रात अतीक और उसके भाई अशरफ को 17 पुलिसकर्मियों की टीम प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में मेडिकल के लिए ले जा रही थी। इस बीच मीडियाकर्मी के रूप में आए तीन लोगों ने गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी। ये पूरी घटना मीडियाकर्मियों के कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अतीक को 9 गोलियां लगी थीं, जबकि उसके भाई अशरफ को 5 गोलियां मारी गई थीं।
आरोपी
एक आरोपी ने बनाई थी हत्याकांड की पूरी योजना
इस हत्याकांड को सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य ने अंजाम दिया था। तीनों हमलावर पुलिस हिरासत में प्रतापगढ़ जेल में बंद है। पुलिस पूछताछ में तीनों ने कई बड़े खुलासे किये हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आरोपी सनी ने इस हत्याकांड की पूरी योजना बनाई थी, जो गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से काफी प्रभावित था।
उसने ही अन्य 2 आरोपियों को हत्या के लिए मनाया था। सनी के खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा मुदकमे दर्ज हैं।