पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने क्यों किया बहावलपुर का दौरा, भारत की क्यों थी नजरें?
क्या है खबर?
पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख (CDF) और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की बहावलपुर यात्रा चर्चाओं में है। उन्होंने 29 जनवरी को पंजाब के खैरपुर तमेवाली में बहावलपुर गैरीसन के सैनिकों को संबोधित किया और 'स्टेडफास्ट रिजॉल्व' नामक सैन्य अभ्यास का अवलोकन किया। इस दौरे पर भारत ने भी करीब से नजर रखीं, क्योंकि बहावलपुर उन 9 आतंकी ठिकानों में से एक है, जिन पर भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हमला किया था।
दौरा
कैसा था मुनीर का दौरा?
पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की मीडिया ने बताया कि मुनीर ने बहावलपुर गैरीसन का दौरा किया, जहां उन्हें कोर के विभिन्न परिचालन, प्रशिक्षण और प्रशासनिक पहलुओं पर खासतौर पर बहु-क्षेत्रीय युद्ध की तैयारियों पर जानकारी दी गई। मुनीर ने यहां उच्च तीव्रता वाले सैन्य अभ्यास 'स्टेडफास्ट रिजॉल्व' के दौरान ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक-युद्ध प्रणालियों और उन्नत निगरानी संपत्तियों से जुड़े अभ्यासों का अवलोकन किया, जो प्रौद्योगिकी से लैस बहु-क्षेत्रीय अभियानों पर सशस्त्र बलों की तैयारी को दर्शाते हैं।
बयान
मुनीर ने सैनिकों को संबोधित भी किया
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, मुनीर ने कहा, "पाकिस्तानी सेना कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव से गुजर रही है। पाकिस्तान के सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी खतरों के खिलाफ तैयार हैं। भविष्य में तकनीकी अभ्यास भौतिक अभ्यासों का स्थान लेंगे और आक्रमण एवं रक्षात्मक अभियानों के तरीके में मौलिक परिवर्तन लाएंगे। इसलिए, पाकिस्तानी सशस्त्र बल तेजी से प्रौद्योगिकी को अपना रहे हैं। इस प्रक्रिया में, नवाचार और स्वदेशीकरण जरूरी है।"
बहावलपुर
बहावलपुर में है जैश का मुख्यालय
पंजाब प्रांत में स्थित बहावलपुर में आतंकी मसूद अजहर के नेतृत्व वाले संगठन जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है। न्यूज18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बहावलपुर जैश के लिए एक परिचालन और वैचारिक केंद्र बना हुआ है इसलिए मुनीर की यात्रा आतंकी समूह के लिए प्रतीकात्मक आश्वासन जैसी है। बहावलपुर में पाकिस्तान के 31वीं कोर का मुख्यालय भी है। जानकारों का मानना है कि यह दौरा पाकिस्तानी सरकार द्वारा जैश को दिए जा रहे समर्थन का स्पष्ट संकेत है।
भारत
दौरे को भारत के लिए संदेश के तौर पर क्यों देखा जा रहा है?
मुनीर की बहावलपुर में मौजूदगी और अपने संबोधन में ड्रोन और भविष्य की लड़ाई की बातों को एक सोची-समझी चाल के तौर पर देखा जा रहा है। न्यूज18 के मुताबिक, इस दौरे का वास्तविक संदेश सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि दिखावटी छवि है। ऐसे समय में, जब पाकिस्तान प्रतिरोध और स्थिरता को दिखाने की कोशिश कर रहा है, बहावलपुर में एक बड़ा सैन्य अभ्यास आयोजित करना आतंकी संगठनों के साथ साझेदारियों की जानबूझकर की गई पुष्टि है।
हमला
भारत ने बहावलपुर में जैश मुख्यालय पर किया था हमला
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश और लश्कर-ए-तैयबा के 9 आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे। इन हमलों में मसूद अजहर का पूरा परिवार तबाह हो गया था। इसके अलावा भारत ने मुरीदके, गुलपुर, भीमबर, चक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद में भी आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। सैटेलाइट तस्वीरों ने हमले से हुए नुकसान की पुष्टि की थी।