
नई शिक्षा नीति: IIIT शुरू करेगा 8 साल का कोर्स, 11वीं कक्षा से होंगे एडमिशन
क्या है खबर?
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ने आठ वर्षीय एक अनूठा तकनीकी पाठ्यक्रम तैयार किया है।
नया पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किया गया है।
खास बात यह है कि (नई शिक्षा नीति विद्यालय स्तर पर 5+3+3 लागू होने पर) 11वीं के छात्र भी इस कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे।
इस कोर्स में एडमिशन लेने के बाद छात्र चाहे तो सार्टिफिकेट से लेकर रिसर्च तक की डिग्री हासिल कर सकते हैं।
पढ़ाई
हर सेमेस्टर की पढ़ाई अलग-अलग संस्थानों से कर सकेंगे छात्र
नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किये गए इस पाठ्यक्रम से कई छात्रों को फायदा होगा।
छात्रों को अपनी सुविधानुसार हर सेमेस्टर की पढ़ाई अलग-अलग संस्थानों से करने की सुविधा भी मिलेगी।
छात्र जितने साल पढ़ाई करेंगे उन्हें उतने साल तक की उनकी डिग्री प्रदान की जाएगी।
बता दें कि इसके लिए संस्थान विभिन्न तकनीकी एवं शिक्षण संस्थानों से समझौता ज्ञापन (MoU) साइन करने की तैयारी कर रहा है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
प्रवेश
शैक्षिक सत्र 2022-23 से इस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया होगी शुरू
संस्थान के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच के प्रो. नीतेश पुरोहित को संस्थान की सीनेट ने यह जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रो. पुरोहित ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत आठ वर्षीय लचीला शैक्षिण कार्यक्रम तैयार किया गया है।
शैक्षिक सत्र 2022-23 से इस पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू किया जाएगा।
इस पाठ्यक्रम में दाखिला JEE मेंस और एडवांस के तहत लेने की तैयारी है।
इस पाठ्यक्रम के संचालन के लिए संस्थान के सीनेट ने एक कमेटी का गठन किया है।
संगोष्ठी
इस पाठ्यक्रम को लेकर 3-4 दिसंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी
इसी पाठ्यक्रम को लेकर आगामी 3 और 4 दिसंबर को संस्थान में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें देश के नामी-गिरामी IIT, NIT, IIIT, तकनीकी विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद् के साथ AICTU, AIU, नीति आयोग, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ लोग शामिल होंगे।
इस पाठ्यक्रम के संचालन के लिए उनसे करार भी किया जाएगा, ताकि छात्र जिस भी संस्थान से जिस सेमेस्टर की पढ़ाई करना चाहें, कुछ शर्ते पूरी करने पर वह ऐसा कर सकें।
डिग्री
सर्टिफिकेट से लेकर PhD की मिलेगी डिग्री
प्रो पुरोहित ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में पहले साल की पढ़ाई पूरी करने पर सार्टिफिकेट, दूसरे साल की पढ़ाई पूरी करने पर स्किल सर्टिफिकेट, तीसरे साल में डिप्लोमा, चौथे साल में स्नातक की डिग्री, पांचवें साल में PG डिप्लोमा, छठवें साल में PG की डिग्री और आठवें साल में PhD की डिग्री मिलेगी।
प्रो नीतेश के मुताबिक इस पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद शैक्षिक सत्र 2022-23 में दाखिला लिया जाएगा।
जानकारी
NEP के बारे में कुछ अहम बातें
केंद्र सरकार ने साल 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी थी।
इस दौरान मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया था।
इस नीति में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ही नियामक रखने और MPhil को खत्म करने का फैसला किया गया था।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में बनाई गई थी।
बता दें कि NEP 1986 में ड्राफ्ट हुई थी और 1992 में इसमें संशोधन किया गया था।