
डेल्हीवरी करेगी ईकॉम एक्सप्रेस का अधिग्रहण, जानिए कितना करेगी खर्चा
क्या है खबर?
लॉजिस्टिक्स कंपनी डेल्हीवरी ने शनिवार (5 अप्रैल) को अपनी प्रतिद्वंद्वी ईकॉम एक्सप्रेस को 1,407 करोड़ रुपये में खरीदने की घोषणा की है।
कंपनी ने एक्सचेंजों को सूचित किया कि बोर्ड ने ईकॉम एक्सप्रेस के लगभग 99.4 फीसदी शेयर खरीदने को मंजूरी दे दी है।
अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद, ईकॉम एक्सप्रेस डेल्हीवरी की सहायक कंपनी बन जाएगी। ईकॉम एक्सप्रेस की धन जुटाने के लिए प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने का लक्ष्य था, लेकिन बाद में इसे टाल दिया।
IPO
ईकॉम एक्सप्रेस की IPO लाने की थी योजना
अगस्त 2024 में ईकॉम एक्सप्रेस ने लगभग 2,600 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास IPO के लिए मसौदा पत्र दाखिल किया।
इसमें 1,284 करोड़ रुपये का नया IPO और मौजूदा निवेशकों द्वारा 1,315 करोड़ रुपये की बिक्री का प्रस्ताव शामिल था।
यह योजना डेल्हीवरी ओर से ईकॉम एक्सप्रेस पर अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में परिचालन मीट्रिक को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाने के बाद बदल गई।
छंटनी
लागत कम करने के लिए किए ये प्रयास
डेल्हीवरी ने आरोप लगाया कि ईकॉम एक्सप्रेस ने रिटर्न-टू-ओरिजिन शिपमेंट की दोहरी गणना करके शिपमेंट वॉल्यूम को बढ़ा दिया और अपनी पहुंच और ऑटोमेशन स्केल को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
इन आरोपों और अस्थिर बाजार स्थितियों के कारण उसे फरवरी में IPO प्रक्रिया को रोकने का फैसला लेना पड़ा।
इसके अलावा उसने लागत में कटौती के लिए 500 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी, 3,000 से अधिक पिन कोड, 1,000 डिलीवरी सेंटर और 20 प्रमुख हब बंद कर दिए।