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#NewsBytesExplainer: खार्ग द्वीप पर हमला ईरान के लिए कितना बड़ा झटका, कितना अहम है ये इलाका?
अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला किया है

#NewsBytesExplainer: खार्ग द्वीप पर हमला ईरान के लिए कितना बड़ा झटका, कितना अहम है ये इलाका?

लेखन आबिद खान
Mar 14, 2026
10:12 am

क्या है खबर?

ईरान युद्ध में एक नया मोर्चा खोलते हुए अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सेना ने द्वीप पर मौजूद हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह तबाह कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान बाधित करता रहा, तो वे द्वीप की तेल सुविधाओं को भी निशाना बनाएंगे। आइए ईरान के लिए खार्ग द्वीप की अहमियत समझते हैं।

द्वीप

कहां है खार्ग द्वीप?

खार्ग एक कोरल द्वीप है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 22 वर्ग किलोमीटर है। यह ईरान के दक्षिण-पश्चिम में बुशेहर प्रांत में है। महज 8 किलोमीटर लंबे और 4-5 किलोमीटर चौड़े इस द्वीप के चारों ओर का गहरा जल क्षेत्र इसे विशालकाय जहाजों को सुरक्षित रूप से डॉक करने में सक्षम बनाता है। 1960 के दशक में इस द्वीप को बड़े तेल निर्यात केंद्र के तौर पर विकसित किया गया और तब से यह ईरान के तेल उद्योग की रीढ़ बन गया।

इतिहास

द्वीप का इतिहास भी जान लीजिए

रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय औपनिवेशिक काल के दौरान पुर्तगालियों ने सबसे पहले खार्ग द्वीप पर कब्जा किया था। इसके बाद यहां डच आए, जिन्हें 1766 में ईरान के शहर बंदर रिग के गवर्नर ने खदेड़ दिया। 1925 से 1941 तक ईरान के शाह रहे रजा शाह पहलवी ने यहां राजनीतिक कैदियों को बंद रखा। आधुनिक खार्ग ने 1958 के आसपास आकार लेना शुरू किया और अगस्त 1960 में यहां से पहली बार निर्यात शुरू हुआ।

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तेल

द्वीप पर कच्चे तेल से जुड़ी क्या-क्या सुविधाएं हैं?

खार्ग में 40 से अधिक कच्चे तेल के भंडारण टैंक हैं जिनकी कुल क्षमता 2 करोड़ बैरल से अधिक है। देश के दक्षिणी क्षेत्रों से निकाला गया कच्चा तेल समुद्र के नीचे बिछी पाइपलाइनों से यहां पहुंचाया जाता है। खार्ग पर 2 प्रमुख तट हैं- पूर्वी और पश्चिमी। पूर्वी तट में एक साथ 2.75 लाख टन क्षमता वाले 6 टैंकर खड़े हो सकते हैं। पश्चिम में 5 लाख टन क्षमता वाले टैंकर तेल लोड हो सकते हैं।

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आबादी

द्वीप पर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित

द्वीप पर करीब 8,000 लोग रहते हैं। इनमें तेल सुविधाओं में काम करने वाले कर्मचारी, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर और उनके परिवार शामिल हैं। यहां पर इस्लामिक आजाद विश्वविद्यालय की समुद्री विज्ञान शाखा भी है, जहां छात्रों को पेट्रोलियम और समुद्री अध्ययन जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। द्वीप पर हिरणों की भी अच्छी खासी आबादी है। रणनीतिक रूप से अहम होने के चलते यहां हमेशा भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहते हैं।

जीवनरेखा

ईरान की आर्थिक जीवनरेखा है खार्ग

ईरान के कुल तेल निर्यात का 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा खार्ग से ही होता है। द्वीप पर ईरानी तेल मंत्रालय द्वारा संचालित तीन प्रमुख ऊर्जा संयंत्र भी हैं। यहां खार्ग पेट्रोकेमिकल कंपनी भी है, साथ ही तेल और LPG के भंडारण और निर्यात के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक बड़ी इकाई भी है। यानी ये ईरान की आय के लिए सबसे अहम है। यहां कोई नुकसान सीधे-सीधे अर्थव्यवस्था पर चोट है।

हमला

द्वीप पर हमला ईरान के लिए कितना बड़ा झटका है?

ऊर्जा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि द्वीप पर किसी भी तरह का हमला या कब्जा वैश्विक तेल की कीमतों को और भी बढ़ा सकता है। सेंटर फॉर मैरीटाइम स्ट्रेटेजी के नौसेना विशेषज्ञ स्टीवन विल्स ने ब्लूमबर्ग से कहा, "अगर द्वीप पर कब्जा कर लिया जाता है या उसे नष्ट कर दिया जाता है, तो सैद्धांतिक रूप से इससे ईरान की तेल निर्यात करने की क्षमता काफी हद तक खत्म हो सकती है, जो उनकी आजीविका का आधार है।"

विशेषज्ञ

क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

जेपी मॉर्गन की वैश्विक कमोडिटी अनुसंधान टीम के मुताबिक, "इस द्वीप को अक्सर एक गंभीर रूप से संवेदनशील क्षेत्र के रूप में देखा जाता रहा है, फिर भी इसे शायद ही कभी सीधे तौर पर निशाना बनाया गया हो। सीधा हमला ईरान के कच्चे तेल के निर्यात के बड़े हिस्से को तुरंत रोक देगा, जिससे संभवतः होर्मुज जलडमरूमध्य में या क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना के खिलाफ गंभीर जवाबी कार्रवाई शुरू हो जाएगी।"

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