LOADING...
ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन, 7 लोगों की मौत; क्यों सड़कों पर उतरी जनता?
ईरान में बीते कई दिनों से सत्ता विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं

ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन, 7 लोगों की मौत; क्यों सड़कों पर उतरी जनता?

लेखन आबिद खान
Jan 02, 2026
10:56 am

क्या है खबर?

ईरान में बीते 5 दिन से जारी प्रदर्शन में अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। राजधानी तेहरान से शुरू हुए ये प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के हर बड़े शहर में फैल गए हैं। करीब एक दर्जन विश्वविद्यालयों के छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद आंदोलन और तीव्र हो गया है। आइए जानते हैं ईरान की जनता क्यों सड़कों पर है।

प्रदर्शन

सबसे पहले प्रदर्शनों के बारे में जानिए

28 दिसंबर को राजधानी तेहरान में ईरान की मुद्रा रियाल में आई भारी गिरावट और महंगाई को लेकर लोग सड़कों पर उतरे थे। इसके बाद जैसे-जैसे प्रदर्शन का दायरा बढ़ा, जनता हिंसक होती गई। लोगों ने सरकार के खिलाफ 'मुल्लाओं को जाना होगा' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाए। समाचार एजेंसी फार्स ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थर फेंकने के बाद इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।

वजह

लोग क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?

ईरान भयंकर मुद्रास्फीति से जूझ रहा है। दिसंबर में देश में मुद्रास्फीति बढ़कर 42.5 प्रतिशत हो गई है। इससे लोग खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और रोजमर्रा का सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। ईरानी मीडिया संस्थानों से बात करते हुए लोगों ने बताया कि उनकी कमाई बेकार हो गई है और जीवनयापन मुश्किल हो रहा है। एक व्यापारी ने कहा कि पहले जो राशि महीने भर चलती थी, अब वह कुछ दिनों में खत्म हो जाती है।

Advertisement

महंगाई

ईरान में क्यों बढ़ रही है महंगाई?

ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। फिलहाल एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 14 लाख रियाल तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही परमाणु कार्यक्रम के चलते ईरान को पश्चिमी देशों के सख्त प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल जून में इजरायल के साथ हुए 12 दिन के संघर्ष के बाद ईरान के आर्थिक हालात और खराब हो गए हैं।

Advertisement

व्यापकता

कितने व्यापक हैं प्रदर्शन?

प्रदर्शन मुख्य तौर पर तेहरान, कराज, हामेदान, केशम, मलार्ड, इस्फहान, करमानशाह, शिराज और यज्द शहर में हो रहे हैं। हालांकि, ये प्रदर्शन 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों की तुलना में छोटे हैं। अमिनी की मौत से पूरे देश में व्यापक आक्रोश फैल गया था, जिसमें सुरक्षा बलों के दर्जनों जवानों सहित सैकड़ों लोग मारे गए थे। ये प्रदर्शन भले ही महंगाई के खिलाफ हो, लेकिन लोग सत्ता को लेकर भी आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।

सरकार

प्रदर्शनों पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्किया के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की इच्छा दिखाई है। राष्ट्रपति ने कहा, "इस्लामी दृष्टिकोण से अगर हम लोगों की आजीविका के मुद्दे को हल नहीं करते हैं, तो हम अंततः नरक में जाएंगे।" हालांकि, उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि उनके सामने विकल्प सीमित हैं। वहीं, ईरान के अभियोजक महानिदेशक ने कहा कि शांतिपूर्ण आर्थिक विरोध प्रदर्शन वैध हैं, लेकिन असुरक्षा पैदा करने के किसी भी प्रयास का निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

Advertisement