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#NewsBytesExplainer: कोर्ट के फैसले के बाद क्या रद्द होंगे टैरिफ? ट्रंप के पास क्या-क्या हैं विकल्प?
टैरिफ पर ट्रंप को अमेरिकी कोर्ट से झटका लगा है

#NewsBytesExplainer: कोर्ट के फैसले के बाद क्या रद्द होंगे टैरिफ? ट्रंप के पास क्या-क्या हैं विकल्प?

लेखन आबिद खान
Aug 30, 2025
02:01 pm

क्या है खबर?

टैरिफ के मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फिर कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका की एक कोर्ट ने टैरिफ को गैर-कानूनी घोषित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि टैरिफ लगाने के लिए ट्रंप ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है। हालांकि, कोर्ट ने तुरंत टैरिफ पर रोक नहीं लगाई है। आइए जानते हैं फैसला क्या है और इसका क्या असर होगा।

कोर्ट

टैरिफ पर कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

अमेरिकी संघीय सर्किट अपील कोर्ट ने 7-4 के बहुमत से अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) का प्रयोग कर अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है। कोर्ट ने कहा, "यह कानून राष्ट्रपति को घोषित राष्ट्रीय आपातकाल के जवाब में कई कार्रवाई करने के लिए महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करता है, लेकिन इसमें टैरिफ, शुल्क या इसी तरह की कार्रवाई करने या टैक्स लगाने की शक्ति शामिल नहीं है।"

टैरिफ

कोर्ट ने ज्यादातर टैरिफ को गैरकानूनी बताया

कोर्ट ने ज्यादातर टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि अमेरिकी संविधान ने कांग्रेस को अन्य देशों के साथ व्यापार को विनियमित करने के विशेष अधिकार दिए हैं और यह राष्ट्रपति के अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के अधिकार क्षेत्र से प्रभावित नहीं है। फैसले में कहा गया है, "संविधान द्वारा टैरिफ जैसे टैक्स लगाने की कांग्रेस की मुख्य शक्ति विशेष रूप से विधायिका को सौंपी गई है। टैरिफ कांग्रेस की एक मुख्य शक्ति है।"

जानकारी

तो क्या टैरिफ पर रोक लग गई है?

कोर्ट ने अपने फैसले को 14 अक्टूबर तक लागू नहीं करने पर सहमति जताई है। यानी कम से कम 14 अक्टूबर तक तो टैरिफ जारी रहेंगे। कोर्ट ने ये समय राष्ट्रपति को फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए दिया है।

मामला

टैरिफ का मामला कोर्ट कैसे पहुंचा?

कोर्ट ने ये फैसला 2 मामलों पर सुनवाई के बाद सुनाया है। इनमें से एक मामला कई छोटे कारोबारियों द्वारा और दूसरा कई अमेरिकी राज्यों ने दायर किया था। ये मुकदमे तब दायर किए गए थे, जब इसी साल अप्रैल में ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पारित कर दुनिया के हर देश पर 10 प्रतिशत का बेस टैरिफ लगाया था। इसके अलावा दर्जनों अन्य देशों पर भी अलग-अलग टैरिफ लगाया गया था।

क्षेत्र

कोर्ट का फैसला किन टैरिफ पर लागू नहीं होगा?

कोर्ट का ये फैसला अप्रैल में लगाए गए पारस्परिक टैरिफ पर लागू होगा। इसके अलावा चीन, कनाडा और मैक्सिको पर लगाए गए अलग-अलग टैरिफ पर भी ये लागू होता है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने IEEPA कानून से मिली आपातकालीन शक्तियों का हवाला देकर लागू किया था। ये फैसला स्टील और एल्युमीनियम पर लगे टैरिफ पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा ये फैसला उस टैरिफ पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन पर लगाया था।

असर

फैसले का क्या होगा असर?

जानकारों का मानना है कि फैसले से ट्रंप की आगे टैरिफ लगाने की क्षमता कमजोर हो सकती है। इससे विदेशी सरकारें अमेरिकी दबाव के खिलाफ ज्यादा सख्ती अपनी सकती है या पुराने समझौतों पर पुनर्विचार की मांग कर सकती हैं। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन को वसूले गए कुछ टैरिफ वापस भी करने पड़ सकते हैं, जिससे अमेरिकी राजकोष को आर्थिक नुकसान होगा। जुलाई तक टैरिफ से सरकार को 159 अरब डॉलर की कमाई हो चुकी है।

बयान

फैसले पर ट्रंप सरकार ने क्या प्रतिक्रिया दी है?

ट्रंप ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि अगर टैरिफ हटे, तो अमेरिका बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'एक अत्यधिक पक्षपातपूर्ण अपील कोर्ट ने गलत तरीके से कहा कि टैरिफ हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन वे जानते हैं कि अंत में अमेरिका जीतेगा। अगर टैरिफ हट गए, तो देश के लिए आपदा होगी। हम आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगे। अमेरिका अब अन्य देशों, मित्र या शत्रु द्वारा लगाए गए अनुचित टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा।'