LOADING...
ट्रंप बोले- ईरान बातचीत करना चाहता है; ईरान ने कहा- न युद्धविराम न चर्चा करेंगे
ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान चर्चा के लिए तैयार है

ट्रंप बोले- ईरान बातचीत करना चाहता है; ईरान ने कहा- न युद्धविराम न चर्चा करेंगे

लेखन आबिद खान
Mar 16, 2026
11:33 am

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ बातचीत में लगा हुआ है, जिसका मकसद युद्ध को खत्म करना है। एयर फोर्स वन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, "हां, हम उनसे बात कर रहे हैं, लेकिन ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है।" वहीं, ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत और युद्धविराम को नकार दिया है। ईरान के विदेश मंत्री ने ऐसी रिपोर्टों को भ्रामक बताया है।

ट्रंप का बयान

ट्रंप बोले- AI का हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा ईरान

ट्रंप ने कहा, 'ईरान को लंबे समय से 'मीडिया में हेरफेर' और 'जनसंपर्क' का माहिर माना जाता है। सैन्य दृष्टि से वे भले ही अप्रभावी और कमजोर हों, लेकिन फर्जी खबरें फैलाने वाले मीडिया को गलत जानकारी परोसने में वे सचमुच बहुत माहिर हैं। अब AI उनके लिए गलत जानकारी फैलाने का एक और हथियार बन गया है, जिसका इस्तेमाल वे काफी कुशलता से कर रहे हैं, खासकर यह देखते हुए कि हर दिन उन्हें भारी नुकसान पहुंच रहा है।'

मीडिया

ट्रंप ने फिर मीडिया को घेरा

ट्रंप ने लिखा, ''वॉल स्ट्रीट जर्नल' और अन्य मीडिया संस्थानों ने जिन 5 अमेरिकी विमानों पर हमला होने का दावा किया, वे सभी सेवा में हैं। ईरान USS अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत को जलते हुए दिखाता है। जिन मीडिया आउटलेट्स ने इसे बनाया, उन पर झूठी जानकारी फैलाने के लिए देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए! मुझे खुशी हुई कि फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) इन भ्रष्ट और बेहद देशद्रोही न्यूज़ संगठनों के लाइसेंस की जांच कर रहा है।'

Advertisement

ईरान

ईरान बोला- जारी रहेगा युद्ध

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, "अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष तेज होने के बावजूद तेहरान ने न तो युद्धविराम का आह्वान किया है और न ही बातचीत की पहल की है। ईरान का सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती। ईरान की सशस्त्र सेनाएं तब तक अपने हमले जारी रखेंगी जब तक अमेरिका के राष्ट्रपति यह स्वीकार नहीं कर लेते कि उनके द्वारा शुरू किया गया संघर्ष 'अवैध' है।"

Advertisement

खाड़ी देश

अराघची ने कहा- खाड़ी देशों में केवल सैन्य अड्डों पर हमले कर रहे

अराघची ने कहा कि यह युद्ध अमेरिका ने शुरू किया है और ईरान सिर्फ अपनी रक्षा कर रहा है। वहीं, खाड़ी देशों पर हमले को लेकर उन्होंने कहा, "ईरानी सेना केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनके संसाधनों को निशाना बना रही है, किसी दूसरे देश को नहीं। जिन खाड़ी देशों ने अपनी जमीन पर अमेरिकी सेना को ठिकाने दिए हैं, उन्हीं की वजह से अमेरिका को ईरान पर हमला करने का मौका मिला।"

Advertisement