
प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग को BRICS सम्मेलन का न्योता दिया, आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया
क्या है खबर?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया और इसके खिलाफ लड़ाई में जिनपिंग से साथ देने की अपील की। साथ ही उन्होंने जिनपिंग को भारत में अगले साल होने वाली BRICS सम्मेलन में आने के लिए न्योता भी दिया।
बयान
प्रधानमंत्री बोले- जिनपिंग के साथ सार्थक बैठक हुई
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'SCO शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक सार्थक बैठक हुई। हमने कजान में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन संबंधों में आई सकारात्मक प्रगति की समीक्षा की। हम सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के महत्व पर सहमत हुए और आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता पर आधारित सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।'
शी का बयान
जिनपिंग बोले- भारत-चीन के लिए दोस्त बनना सही विकल्प
जिनपिंग ने कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली को प्रतिद्वंद्विता के बजाय मित्रता को चुनना चाहिए और भू-राजनीतिक मंथन के बीच द्विपक्षीय विवादों से परे देखना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें सीमा मुद्दे को समग्र चीन-भारत संबंधों को परिभाषित नहीं करने देना चाहिए। अगर दोनों पक्ष एक-दूसरे के साथ साझेदार जैसा व्यवहार करें तो संबंध आशाजनक, स्थिर और दूरगामी हो सकते हैं। दोस्त बनना, अच्छे पड़ोसी बनना और ड्रैगन और हाथी का साथ आना बहुत जरूरी है।"
पुतिन का बयान
पुतिन बोले- रूस-चीन BRICS की ताकत बढ़ाने पर काम कर रहे
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस और चीन ने BRICS देशों के सामाजिक और आर्थिक विकास में रुकावट डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ मिलकर साझा रुख अपनाया है। पुतिन ने कहा, "रूस और चीन मिलकर अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटा रहे हैं और BRICS संगठन की ताकत को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं, ताकि वैश्विक चुनौतियों से निपट सकें।" उन्होंने उम्मीद जताई कि SCO सम्मेलन संगठन को और ताकत देगा।
बड़ी बातें
मोदी-जिनपिंग की बैठक की अहम बातें
मोदी ने सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए जिनपिंग को बधाई दी। उन्होंने बताया कि सीमा पर माहौल शांतिपूर्ण है और दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैलाश-मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी शुरू की जा रही हैं। अमेरिका को लेकर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और चीन दोनों रणनीतिक स्वायत्तता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
SCO मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति जिनपिंग ने स्वागत किया
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives for Official Reception for Heads of States/Heads of Governments at SCO in Tianjin, China.
— ANI (@ANI) August 31, 2025
(Video: ANI/DD) pic.twitter.com/uqQbo5Sylq
अन्य मुलाकातें
इन नेताओं से भी मिले प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के सैन्य शासक जनरल मिन आंग हलिंग से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि मालदीव के साथ भारत का विकासात्मक सहयोग खास है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली से भी प्रधानमंत्री ने मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली से भी मुलाकात की।