ईरान पर नए हमले की तैयारी में अमेरिका? 6,500 टन गोला-बारूद इजरायल पहुंचा
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका में नाजुक युद्धविराम और आगे की बातचीत में गतिरोध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। खबरें हैं कि अमेरिका ईरान पर नया हमला करने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए 6,500 टन गोला-बारूद इजरायल भेजा गया है। ये जानकारी ऐसे वक्त सामने आई है, जब कल ही अमेरिकी सेना ने ट्रंप को ईरान में संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना बताई है।
हथियार
2 जहाज और कई विमानों में इजरायल पहुंचे हथियार
द इजरायल टाइम्स और द जेरूसलम पोस्ट ने इजरायली रक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया है कि इस हफ्ते अमेरिका से 2 मालवाहक जहाज और कई विमान इजरायल पहुंचे हैं। इनमें 6,500 टन हवाई और जमीनी गोला-बारूद, सैन्य ट्रक, जॉइंट लाइट टैक्टिकल व्हीकल्स (JLTVs) और अन्य सैन्य उपकरण लदे थे। बताया जा रहा है कि इजरायल के रक्षा खरीद निदेशालय ने अमेरिका में अपने मिशन और IDF योजना निदेशालय के साथ इस अभियान का नेतृत्व किया है।
युद्ध
ईरान युद्ध के दौरान इजरायल पहुंची 1.15 लाख टन सैन्य सामग्री
ईरान युद्ध की शुरुआत से अब तक इजरायल को लगभग 1.15 लाख टन सैन्य सामग्री प्राप्त हुई है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "ऑपरेशन रोरिंग लायन के शुरू होने के बाद से इजरायल को 403 विमानों और 10 जहाजों के जरिए 1.15 लाख टन से ज्यादा सैन्य साजो-सामान मिला है।" ये घटनाक्रम ऐसे वक्त हो रहे हैं, जब ईरान और अमेरिका में अगले दौर की वार्ता को लेकर कोई सहमति नहीं बन पा रही है।
हमला
ईरान पर छोटा और निर्णायक हमला कर सकता है अमेरिका- रिपोर्ट
हाल ही में एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए एक नई योजना तैयार की है। सूत्रों ने अनुसार, सेना ईरान पर 'छोटे और जोरदार' हमले कर सकती है, जिसमें शायद बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप को भी इसकी जानकारी दी गई है। अमेरिका का मानना है कि ऐसा कर ईरान को बातचीत के लिए मजबूर किया जा सकता है।
ईरान
ईरानी राष्ट्रपति बोले- अमेरिका बातचीत के दौरान हमला कर सकता है
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि बातचीत के दौरान अमेरिका फिर से हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, "वॉशिंगटन पर हमारा भरोसा पूरी तरह से खत्म हो चुका है। ईरान की जिम्मेदारी के साथ बातचीत और कूटनीति के जरिए मतभेदों को सुलझाने के प्रयास हमेशा से एजेंडे में रहे हैं, लेकिन बातचीत के दौरान अमेरिका और इजरायल ने 2 बार हमला किया और ऐसी कार्रवाइयों के दोहराए जाने की संभावना है।"