
ईरान: हिजाब के बिना घूमने पर महिलाओं पर दया दिखाए बिना होगी कार्रवाई- न्यायपालिका प्रमुख
क्या है खबर?
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख घोलमहोसिन मोहसेनी इजेई ने देश में हिजाब के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं को चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक इलाकों में हिजाब के बिना दिखाई देने पर महिलाओं के खिलाफ दया दिखाए बिना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि ईरान में नैतिकता पुलिस की मारपीट में एक महिला की मौत के बाद से पिछले कुछ महीनों से महिलाएं हिजाब के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं।
बयान
न्यायपालिका प्रमुख ने क्या कहा?
न्यायपालिका प्रमुख इजेई ने आगे कहा कि हिजाब के बिना घूमना देश के मूल्यों के साथ दुश्मनी करने के समान है और ऐसे घिनौने काम करने के लिए महिलाओं को दंडित किया जाएगा और दया के बिना उन पर मुकदमा चलाया जाएगा।
उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारी सार्वजानिक रूप से धार्मिक कानून के खिलाफ किए गए स्पष्ट अपराधों और किसी भी प्रकार की असामान्यता को न्यायिक अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए बाध्य हैं।
पृष्ठभूमि
आंतरिक मंत्रालय ने कही हिजाब को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात
इजेई की यह चेतावनी ईरान के आंतरिक मंत्रालय द्वारा सरकार के हिजाब कानून को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कहने के बाद आई है।
हिजाब पर विवाद के बीच मंत्रालय ने कहा था कि हिजाब राष्ट्र की सभ्यता की नींवों में से एक है और इस्लामी गणराज्य के व्यावहारिक सिद्धांतों में से एक है।
आंतरिक मंत्रालय ने कहा था कि हिजाब के मुद्दे पर सरकार पीछे नहीं हटेगी और इसमें कोई सहिष्णुता नहीं दिखाई जाएगी।
कानून
ईरान में हिजाब को लेकर है सख्त कानून
ईरान में वर्ष 1979 में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद महिलाओं के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया था।
इसमें महिलाओं के ढीले कपड़े पहनना और सिर पर स्कार्फ या हिजाब पहनना अनिवार्य कर दिया गया। ऐसा न करने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। महिलाओं के हिजाब और पहनावे पर निगरानी के लिए नैतिकता पुलिस भी थी, जिसे गश्त-ए-इरशाद नाम से जाना जाता था।
महिलाओं के प्रदर्शनों के बाद नैतिकता पुलिस को खत्म कर दिया गया था।
प्रदर्शन
ईरान में पिछले साल शुरू हुए थे हिजाब विरोधी प्रदर्शन
बता दें कि पिछले साल सितंबर में नैतिकता पुलिस के हिरासत में लेने के बाद कुर्दिश मूल की 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत हो गई थी, जिसके बाद से देशभर में हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं।
अमिनी ने हिजाब ठीक से नहीं पहना हुआ था, जिसके कारण नैतिकता पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई की। पिटाई में अमिनी गंभीर रूप से घायल हुईं और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।