मेक्सिको की सेना ने ड्रग माफिया एल मेंचो को कैसे मारा, क्या अमेरिका ने की मदद?
क्या है खबर?
मेक्सिको की सेना ने देश के सबसे बड़े ड्रग तस्कर नेमेसियो रूबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया है। वो जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था और दुनिया के मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों में शामिल था। मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान मेंचो को गोली लगी, जिसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया गया। हालांकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आइए जानते हैं सेना ने अभियान को कैसे अंजाम दिया।
खुफिया
हफ्तों तक जुटाई खुफिया जानकारी, मुखबिरों की भी मदद
सेना ने अभियान के लिए कई हफ्तों तक निगरानी की थी, जिसमें मुखबिरों की मदद भी ली गई। इसी जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने तापलता में एक ठिकाने पर हमला किया, जहां मेंचो छिपा हुआ था। बताया जा रहा है कि अभियान का लक्ष्य मेंचो को जिंदा पकड़ना था, लेकिन जैसे ही सेना आगे बढ़ी भारी गोलीबारी शुरू हो गई। इसमें मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया।
अमेरिका
क्या अमेरिका ने की मदद?
एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि जॉइंट इंटरएजेंसी टास्क फोर्स-काउंटर कार्टेल (JITF-CC) ने ऐसी खुफिया जानकारी प्रदान की जिससे मेंचो का पता लगाने में मदद मिली। JITF-CC का औपचारिक गठन पिछले महीने ही किया गया था। इसमें अमेरिका-मेक्सिको सीमा के दोनों ओर सक्रिय ड्रग कार्टेल नेटवर्क को खत्म करने के लिए कई अमेरिकी सरकारी एजेंसियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य उन कार्टेल गतिविधियों से निपटना है, जो अमेरिका के लिए खतरा पैदा करती हैं।
सेना
अभियान में शामिल नहीं थे अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि कोई भी अमेरिकी सैनिक जमीनी अभियान में शामिल नहीं था। मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने पूरक जानकारी साझा की थी, लेकिन अभियान पूरी तरह से मैक्सिकन सेना द्वारा तैयार, योजनाबद्ध और कार्यान्वित किया गया। एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और खुफिया सूत्रों के आधार पर मेंचो से जुड़ा एक विस्तृत पैकेज तैयार किया और इसे मैक्सिकन अधिकारियों को सौंपा गया।
बयान
व्हाइट हाउस ने कहा- हमने खुफिया जानकारी प्रदान की
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि अमेरिका ने तापलपा में मैक्सिकन अधिकारियों को खुफिया सहायता प्रदान की, जिसके परिणामस्वरूप CJNG के शक्तिशाली नेता मेंचो की मौत हो गई। उन्होंने कहा, "मेंचो मेक्सिको और अमेरिका के लिए एक प्रमुख लक्ष्य था, क्योंकि वह हमारे देश में फेंटानिल की तस्करी करने वाले शीर्ष तस्करों में से एक था।" उन्होंने बताया कि अभियान में गिरोह के 3 सदस्य मारे गए, 3 घायल हुए और 2 को गिरफ्तार किया गया।
परिचय
मेंचो पर था 136 करोड़ रुपये का इनाम
मेंचो का जन्म 1966 में अफीम और मारिजुआना के लिए बदनाम मिचोआकन इलाके में हुआ था। शुरुआत में कुछ समय खेतों में मजदूरी करने के बाद वो ड्रग गैंग से जुड़ गया। इस दौरान कुछ सालों तक अमेरिकी जेल में भी रहा। अमेरिका से निर्वासित होने के बाद मैक्सिको में मिलेनियो कार्टेल के साथ जुड़ा। फिर खुद का कार्टेल बनाया, जो सबसे ताकतवर कार्टेल बन गया। अमेरिका ने मेंचो पर 136 करोड़ रुपये का इनाम रखा था।