IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में 20 फीसदी की भारी गिरावट, जानिए क्या रही वजह
क्या है खबर?
IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में सोमवार (23 फरवरी) कई ब्लॉक डील हुई। इसके बाद शेयर में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जो 6 साल (मार्च, 2020) बाद एक दिन में सबसे बड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, ब्लॉक डील में लगभग 20 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ, जिनका मूल्य करीब 1,390 करोड़ रुपये है। यह गिरावट रविवार को बैंक की ओर से उसकी चंड़ीगढ़ शाखा में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले के खुलासे के बाद आई है।
आश्वासन
बैंक प्रबंधन ने दिया आश्वासन
IDFC फर्स्ट बैंक ने रविवार को बताया कि उसकी चंडीगढ़ शाखा में बैंक कर्मचारी की मिलीभगत से हरियाणा सरकार के विभागों के खातों में 590 करोड़ रुपये का हेरफेर सामने आया है। इसमें बाहरी व्यक्ति और संस्थाओं की भी भूमिका होने का भी संदेह है। इस घटना की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच के लिए KPMG को भी नियुक्त किया गया है। बैंक प्रबंधन ने बाजार को आश्वस्त किया कि यह मामला केवल एक शाखा और एक ग्राहक तक सीमित है।
हिस्सेदारी
बैंक में किसकी-कितनी है हिस्सदारी?
दिसंबर तिमाही के अंत में IDFC फर्स्ट बैंक में प्रमोटर्स की कोई हिस्सेदारी नहीं है। 34 म्यूचुअल फंड स्कीम्स की बैंक में 10.9 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि बीमा कंपनियों की 10.8 फीसदी है। सरकार का भी बैंक में 7.75 फीसदी हिस्सा है, जबकि खुदरा निवेशकों की 15.06 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी अधिकृत शेयर पूंजी 2 लाख रुपये तक है। IDFC फर्स्ट बैंक के कुल 27.9 लाख खुदरा शेयरधारकों के पास शेयर हैं।