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अब ट्विटर से पहले कू ऐप पर अपडेट्स और सूचनाएं देगी केंद्र सरकार

अब ट्विटर से पहले कू ऐप पर अपडेट्स और सूचनाएं देगी केंद्र सरकार

Feb 16, 2021
08:45 pm

क्या है खबर?

बीते दिनों अमेरिकी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर और भारत सरकार के बीच देखने को मिली खींचतान के बाद ढेरों यूजर्स भारतीय ऐप कू (Koo) का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं। कू ऐप माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर का 'मेड इन इंडिया' विकल्प है और अब सरकार भी इसपर भरोसा करती दिख रही है। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि केंद्र सरकार जरूरी अपडेट्स और सूचनाएं देने के लिए ट्विटर से पहले कू का इस्तेमाल करेगी, जिससे ज्यादा यूजर्स इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनें।

रिपोर्ट

ट्विटर से पहले कू ऐप पर मिलेंगे अपडेट्स

नेटवर्क18 की रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार आम जन से जुड़ी घोषणाएं करने और अपडेट्स देने के लिए कू ऐप का इस्तेमाल करेगी। मामले से जुड़े सोर्स ने पब्लिकेशन से बताया कि सरकार देश के नागरिकों तक जानकारी पहुंचाने के लिए कू ऐप को प्राइमरी प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल करने वाली है। रिपोर्ट की मानें तो सरकार कोई भी नई जानकारी ट्विटर पर शेयर करने से करीब दो से तीन घंटे पहले कू पर शेयर कर देगी।

मामला

ट्विटर और सरकार के बीच क्यों हुई खींचतान?

भारत सरकार ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर से कुछ अकाउंट्स और URLs को ब्लॉक करने के लिए कहा था लेकिन ट्विटर ने ऐसा नहीं किया। सरकार ने जिन अकाउंट्स को ब्लॉक करने की मांग की थी, उनमें से ज्यादातर दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के बारे में ट्वीट्स कर रहे थे। ट्विटर ने 'फ्री स्पीच' का हवाला देते हुए कहा कि ये अकाउंट्स प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं इसलिए इन्हें ब्लॉक नहीं किया जा सकता।

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वजह

कू ऐप पर भरोसा क्यों कर रही है सरकार?

भारत सरकार ट्विटर के रवैये को लेकर नाराज है और IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कार्रवाई की चेतावनी भी दे चुके हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानून और संविधान करना होगा, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। यही वजह है कि सरकार कू ऐप को 'आत्मनिर्भर' विकल्प के तौर पर देख रही है और ज्यादा से ज्यादा भारतीय यूजर्स से इस प्लेटफॉर्म पर जुड़ना चाहती है।

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ऐप

आखिर क्या है कू ऐप?

कू एक भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग ऐप है और हिंदी, बंगाली और तेलुगू जैसी भाषाओं को सपोर्ट करती है। इस ऐप को 2020 में लॉन्च किया गया और इसे अगस्त, 2020 में आत्मनिर्भर भारत पुरस्कार मिल चुका है। बीते दिनों सरकार से जुड़े लोगों ने इस ऐप के बारे में ट्वीट करना शुरू किया है और इसका यूजरबेस तेजी से बढ़ा है। केंद्रीय रेल मंत्री, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्री और कई दूसरे सरकारी विभाग पहले ही कू ऐप पर अकाउंट्स बना चुके हैं।

अपडेट

मोबाइल फ्रॉड रोकने के लिए इंटेलिजेंस यूनिट

एक अन्य अपडेट सरकार की ओर से आ रहा है, जो मोबाइल फाइनेंशियल फ्रॉड के मामलों से जुड़ा है। कॉलिंग फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने टेलीमार्केटर्स पर पेनाल्टी लगाने और बार-बार शर्तों का उल्लंघन करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है। ऐसी कॉल्स से निपटने के लिए टेलिकॉम मंत्रालय एक डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट और कंज्यूमर प्रोटेक्शन सिस्टम भी तैयार करने जा रहा है। नया डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर काम करेगा।

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