AI से बने नकली वीडियो पर एक्स की सख्ती, क्रिएटर्स के लिए आया नया नियम
क्या है खबर?
एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी यानी डीपफेक तस्वीरें और वीडियो के खिलाफ कार्रवाई के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने अपने क्रिएटर रेवेन्यू-शेयरिंग प्रोग्राम के नियमों में बदलाव किया है। एक्स के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर असली जानकारी बनाए रखना बेहद जरूरी है। खासकर युद्ध जैसे हालात में AI से बने नकली वीडियो और तस्वीरें तेजी से फैल सकती हैं।
वजह
क्यों उठाया गया यह कदम?
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हाल के समय में AI से बने वीडियो और तस्वीरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासकर युद्ध और संघर्ष से जुड़ी घटनाओं में ऐसे कंटेंट ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। कई बार लोग इन्हें असली समझ लेते हैं और गलत जानकारी फैल जाती है। इसलिए एक्स ने यह फैसला लिया है कि प्लेटफॉर्म पर असली जानकारी को प्राथमिकता दी जाए और नकली या भ्रामक कंटेंट को सीमित किया जाए।
नियम
क्या है नया नियम और कार्रवाई?
एक्स के नए नियम के तहत अगर कोई यूजर किसी युद्ध या हथियारबंद संघर्ष से जुड़ा AI से बना वीडियो पोस्ट करता है और यह नहीं बताता कि वह AI से बना है, तो उसे सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ऐसे क्रिएटर्स को 90 दिनों के लिए रेवेन्यू-शेयरिंग प्रोग्राम से सस्पेंड किया जा सकता है। अगर कोई बार-बार नियम तोड़ता है, तो उसे हमेशा के लिए इस प्रोग्राम से हटाया भी जा सकता है।
योजना
अन्य कदम और प्लेटफॉर्म की योजना
एक्स ने हाल ही में 'मेड विथ AI' नाम का लेबल भी शुरू किया है, जिससे यूजर्स को पता चल सके कि कोई पोस्ट AI से बनाई गई है। कंपनी ने स्पैम और बॉट अकाउंट्स के खिलाफ भी सख्ती बढ़ाई है। पिछले साल करीब 17 लाख बॉट अकाउंट हटाए गए थे। कंपनी का कहना है कि युद्ध जैसे हालात में सही जानकारी पहुंचाना बहुत जरूरी है, इसलिए प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।